Holashtak 2026 Niyam : क्यों 8 दिन नहीं होता है कोई शुभ काम?
Holashtak 2026 Niyam: होलिका दहन और होली से पहले आने वाले आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है, जो कि आज सो प्रारंभ हो गया है, अब आठ दिन तक कोई भी शुभ काम नहीं होंगे। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान ब्रह्मांडीय ऊर्जा अस्थिर होती है और नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय होती हैं। यही कारण है कि विवाह, गृह प्रवेश समारोह और नए व्यवसाय जैसे शुभ कार्यों से इस अवधि में बचा जाता है।
इसके बजाय, होलाष्टक को होली से पूर्व प्रार्थना, आत्म-नियंत्रण और आध्यात्मिक तैयारी के लिए महत्वपूर्ण समय माना जाता है। वर्ष 2026 में, होलाष्टक होलिका दहन के साथ समाप्त हो जाएगा। ज्योतिषीय मान्यताओं अनुसार, इस दौरान लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों से देरी, तनाव या जीवन में असंतुलन आ सकता है।

इसलिए लोग बड़े आयोजनों की योजना बनाने से पहले होली के समाप्त होने तक प्रतीक्षा करना पसंद करते हैं। होलाष्टक के दिनों में अनुशासन, शांति और आध्यात्मिक साधना पर विशेष जोर दिया जाता है। होलाष्टक 2026 में प्रार्थना और ध्यान, मंत्र जाप, धार्मिक ग्रंथों का पाठ करने से लाभ होता है।
Holashtak 2026 Niyam: होलाष्टक में क्यों नहीं होता शुभ काम?
पौराणिक कथा के अनुसार, जब भक्त प्रह्लाद ने भगवान विष्णु की भक्ति नहीं छोड़ी, तब उनके पिता हिरण्यकशिपु ने उन्हें अनेक कष्ट दिए। फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से लेकर पूर्णिमा तक प्रह्लाद को यातनाएं दी गईं। अंत में होलिका अग्नि में जलकर भस्म हो गई और प्रह्लाद की भक्ति की विजय हुई। होलिका दहन से पहले आठ दिन प्रह्लाद ने काफी कष्ट सहे थे, ये होलाष्टक थे, इसी कारण ये आठ दिनों को अशुभ और बुरा कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी इस समय ग्रहों की स्थिति उग्र मानी जाती है, इसलिए मांगलिक कार्य टालने की सलाह दी जाती है।
Holashtak में क्या न करें और क्या ना करें?
होलाष्टक में विवाह, सगाई या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित होते हैं, तो वहीं इन आठ दिनो में नया व्यवसाय या बड़ी आर्थिक डील शुरू करने से बचें, भूमि पूजन, मुंडन संस्कार आदि टाल दें तो वहीं कोई बड़ा निवेश या कीमती सामान खरीदने से भी बचना चाहिए।
बल्कि भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा करें और हनुमान चालीसा या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। होलाष्टक के बाद होलिका दहन और होली का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बनकर आता है। इसलिए इन आठ दिनों को आत्मचिंतन और आध्यात्मिक उन्नति के लिए उपयोग करना चाहिए।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी चीज को अमल लाने के लिए किसी ज्योतिषी और किसी पंडित से अवश्य बातें करें।












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