हास्य व्यंग्य: पति-पत्नी की मैथमेटिक्स

शादी के बाद बीवी कर देती है उसको साइड में
पति जोड़ता है पत्नी घटाती है
पति मल्टीप्लाई करता है
और पत्नी करती डिवाइड
शादी से पहले वह प्यार में खो जाता है
शादी के बाद तो प्यार ही खो जाता है
पति पर कैसे कसें लगाम
यह सोच दिमाग में आते हैं ट्रिक्स
असफल प्रेम बनता है इतिहास
तो सफल बन जाता है मैथमेटिक्स
# दादा की जवानी
एक दिन दादाजी को
याद आयी अपनी जवानी
दादी से बोले -ऐ मेरे दिलवर जानी
कल हम पुराने दिनों की तरह जियेंगे
गुलाब लेकर तुम्हारा नदिया के किनारे इंतज़ार करेंगे
अगले दिन दादा जी ने शाम तक किया इंतजार
पर न आयी जश्न-ए-बहार
दादा जी झल्लाए -
तुम कैसी प्रेमिका हो,आयी नहीं मैंने
दिन भर इंतजार करके
मेरी घुटने का बज गया बाजा
दादी जी शरमाकर बोली -
‘क्या करूँ माँ ने आने नहीं दिया मेरे राजा'
लेखक परिचय- पंकज प्रसून लखनऊ के प्रसिद्ध हास्य कवि हैं। आप सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टिट्यूट में कार्यरत हैं। पंकज प्रसून का संपर्क सूत्र। पंकज प्रसून के अन्य हास्य व्यंग।












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