Hartalika Teej 2021: 'हरतालिका तीज' 9 सितंबर को, जानिए क्या है पूजन सामग्री?
नई दिल्ली, 07 सितंबर। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को 'हरतालिका तीज' का पर्व होता है। इस बार ये पावन दिन 09 सितंबर को है। इस दिन महिलाएं बिना पानी के व्रत रखती हैं और शाम को भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करती हैं। उत्तर भारत में ये व्रत कुंवारी लड़कियां भी करती हैं। कहा जाता है कि ये व्रत करने से लड़कियों को अच्छे पति की प्राप्ति होती हैं और सुहागिनों का सुहाग यशस्वी और लंबी उम्र वाला होता है,इस व्रत को करने से सात जन्मों तक महिलाओं को उनके पति सात जन्मों तक मिलते हैं।

जानिए क्या है पूजन सामग्री?
- गीली काली मिट्टी या बालू
- बेलपत्र
- केले का पत्ता
- धतूरे का फल एवं फूल
- आंक का फूल
- मंजरी
- जनेऊ
- वस्त्र
- फल
- नारियल
- कलश
- घी-तेल
- कपूर
- कुमकुम
- दीपक
- सिंदूर
- सुहाग का सामान
पूजा विधि
- गीली काली मिट्टी या बालू से शिव-गौरा बनाएं।
- फिर शादी का मंडप बनाएं। फिर शिव-पार्वती की पूजा करें।
- विवाह गीत गाएं और हरितालिका व्रत की कथा सुनें।
- अंत में आरती करें और फिर पति के पैर छू कर प्रसाद बांटें।
हरितालिका तीज पूजा का वक्त
- तृतीया तिथि प्रारंभ 8 सितंबर को रात्रि 2.34 बजे से
- तृतीया तिथि पूर्ण 9 सितंबर को रात्रि 12.19 बजे तक
- 9 सितंबर को सूर्योदय पूर्व से लेकर अर्द्धरात्रि र्पयत तक तृतीया तिथि रहेगी।
कुछ खास नियम
- इस व्रत में सोया नहीं जाता है।
- हो सकें को भजन-कीर्तन के साथ रात्रि जागरण करें।
- प्रात:काल स्नान करने के सुहागिन महिला को श्रृंगार सामग्री, वस्त्र का दान करना चाहिए।
- हरतालिका तीज की पूजा को पति-पत्नी साथ करें तो ज्यादा शुभ फल प्राप्त होता है।
शिव को करें इन मंत्रों से प्रसन्न
- ॐ साम्ब सदाशिवाय नम:।। ॐ क्रीं नम: शिवाय क्रीं ॐ।। ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात्
- ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं
- ॐ।। शिवाय नम: ।।
- श्री शंकराय नम: ।।
- श्री महेशवराय नम: ।।
- श्री रुद्राय नम: ।।
- ॐ पार्वतीपतये नम:।।
- ॐ ऐं नम: शिवाय।।












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