Hariyali teej 2018: सलामत रहे पिया, इसलिए रखा जाता है 'हरियाली तीज' का व्रत

नई दिल्ली। सावन का तीसरा सोमवार और हरियाली तीज दोनों आज है, अखंड सौभाग्य के लिए रखे जाना वाला यह व्रत कुंवारी कन्याएं भी मनवांछित पति के लिए रखती हैं। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव और पार्वती का पुनर्मिलन हुआ था। आज के दिन लड़कियां और महिलाएं अपने होने वाली पति या पति की लंबी आयु के लिए निरजला ( बिना पानी के) व्रत रखती हैं।

हरियाली तीज

हरियाली तीज

कहते हैं इस दिन मां पार्वती ने भगवान शिव को अपनी कठोर तपस्या से प्राप्त किया था। इसी कारण वृक्ष, नदियों तथा जल के देवता वरुण की भी उपासना इस दिन की जाती है। इस दिन संयुक्त रूप से भगवान शिव और पार्वती की उपासना करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

सोलह श्रृंगार करके होती है पूजा

सोलह श्रृंगार करके होती है पूजा

आज महिलाएं पूरे 16 श्रृंगार करते भगवान शिव और पार्वती की पूजा करती हैं और अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना करती हैं।

 बालू से मूर्ति बनाकर पूजा की जाती है

बालू से मूर्ति बनाकर पूजा की जाती है

इसके लिए भगवान शंकर-पार्वती की बालू से मूर्ति बनाकर पूजा की जाती है और उनकी शादी की जाती है। अगर घर में संभव ना हो तो महिलाएं और लड़कियां मंदिर में जाकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं।

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