Haritalika Teej 2023 do and donts: 'हरितालिका तीज ' पर भूल कर भी ना करें ये गलतियां
Haritalika Teej 2023 ( क्या करें और क्या ना करें): भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी कि 18 सितंबर को 'हरितालिका तीज' है। ये व्रत बहुत मानक है। मुख्य रूप से यूपी-बिहार में रखे जाने वाले इस उपवास को निर्जला रखा जाता है और ये कठिनतम व्रतों में से एक है क्योंकि इसमें पानी की एक भी बूंद पी नहीं जाती है और इस पूजा में काफी बातों का ख्याल भी रखना जरूरी है क्योंकि जरा सी गलती से व्रत खंडित हो जाता है।

'हरितालिका तीज' पर निम्मलिखित बातों को रखें विशेष ख्याल...
सरगी
सास अपनी बहू को सरगी देती है, सरगी में सुहाग का सामान, फल, कपड़े और मिठाई होते हैं और ये व्रत शुरू होने से पहले खाई जाती है क्योंकि इस दौरान पानी पीने के बाद फिर पूरे दिन कुछ खाया-पीया नहीं जाता है।
व्रत का संकल्प
सरगी लेने से पहले नहाधोकर तैयार होना चाहिए फिर शिव-पार्वती का ध्यान करके सरगी ग्रहण करनी चाहिए और फिर पूरी श्रद्गा के साथ उपवास रखना चाहिए। "उमामहेश्वरसायुज्य सिद्धये हरितालिका व्रतमहं करिष्ये" मंत्र का जाप करना चाहिए।
अविवाहित लड़कियां भी रखें ध्यान
उत्तर भारत में प्रमुखता से मनाए जाना वाला ये व्रत अविवाहित लड़कियां भी रखती हैं, ताकी उन्हें सुयोग्य वर मिल सके इसलिए उन्हें भी व्रत का नियमपूर्वक ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
इसके अलावा व्रत के दौरान ये भी ना करें
- झगड़ा ना करें।
- घर में मांसाहार का सेवन ना हो।
- घर में शराब का सेवन ना हो।
- किसी की निंदा ना करें।
- घर का माहौल शुद्ध-सात्विक रखें।
- ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- प्रसन्न रहें और ईश्वर का ध्यान करें।
- शाम को विधिवत पूजा करें।
- पूजा करने से पहल स्वयं का शृंगार करें।
- फिर मां पार्वती और शिव को भी सजाएं।
- मंगल गीत गाएं।
- शिव-पार्वती जी के साथ अगर गणेश जी भी हो तो दूने फल की प्राप्ति होती है।
- प्रसाद बांटें, उत्सव मनाएं और निद्रा त्यागे।
खास बातें
एक बार हरतालिका तीज का व्रत अगर आपने शुरू कर दिया तो फिर इसे छोड़ा नहीं जाता है लेकिन अगर किसी कारणवश इसे छोड़ना पड़ा तो इसका उद्यापन विधिवत करना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।
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