Gufi Paintal aka 'Shakuni': कौन था कपटी, कुटिल, मक्कार 'शकुनि' जिसका किरदार निभाकर गुफी ने रचा था इतिहास?
Gufi Paintal aka 'Shakuni': ऐतिहासिक शो महाभारत में एक्टर गुफी पेंटल ने 'शकुनि मामा' का किरदार निभाया था, वो आज भी लोगों के बीच इसी करेक्टर की वजह से लोकप्रिय थे।

Kaun Tha 'Shakuni'? बीआर चोपड़ा के मेगाहिट शो महाभारत में 'शकुनि मामा' का रोल निभाकर लोगों के दिलों पर राज करने वाले एक्टर गुफी पेंटल का आज निधन हो गया, वो लंबे समय से उम्र संबधित परेशानियों से जूझ रहे थे। गुफी पेंटल के निधन से सिने जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
'शकुनि' का किरदार निभाकर रचा इतिहास
आपको बता दें कि गुफी पेंटल ने यूं तो अपने जीवन में कई फिल्मों और टीवी शो में काम किया था लेकिन वो हमेशा महाभारत के ऐतिहासिक करेक्टर 'शकुनि' की वजह से ही जाने जाते रहे। अगर इतिहास की बात करें तो 'शकुनि' महाभारत का वो चरित्र है, जो कि स्वभाव से बेहद मक्कार और धूर्त था लेकिन गुफी पेंटल ने अपनी अदायगी से इस चरित्र में ऐसी जान फूंकी कि लोगों को इस निगेटिव करेक्टर से भी लगाव और प्रेम हो गया था।
चलिए विस्तार से जानते हैं महाभारत के इस बेहद खास करेक्टर 'शकुनि' के बारे में।
- शकुनि गंधार साम्राज्य के सम्राट सुबल का बेटा और राजकुमारी गांधारी का भाई और कौरवों का मामा था।
- वो स्वभाव से कपटी, कुटिल, मक्कार और धूर्त था, वो दुर्योधन को हमेशा पांडवों के खिलाफ भड़काता था।
- वो बहुत बड़ा चौसर का खिलाड़ी था और लोगों से छल करके उनकी चीजों को हथिया लेता था।
- उसी ने पांडवों को जुआं खेलने और द्रौपदी को जुएं में दांव पर लगाने के लिए उकसाया था।
- वो कौरवों-पांडवों के बीच खाई पैदा करने वाला इंसान था।
शकुनि ने कुरुवंश के सर्वनाश का किया था प्रण
दरअसल 'शकुनि' अपनी बहन गांधारी से बहुत प्रेम करता था और वो चाहता था कि उसकी बहन को हर सुख नसीब हो लेकिन जब भीष्म 'शकुनि' के पिता और गंधार के सम्राट सुबल के पास गांधारी का हाथ धृतराष्ट्र के लिए मांगने गए तो उन्होंने ये नहीं बताया था धृतराष्ट्र जन्म से अंधे हैं।
शकुनि को आया था भीष्म पर गुस्सा
हस्तिनापुर के राजकुमार का विवाह प्रस्ताव पाकर सम्राट सुबल और गांधारी काफी प्रसन्न हुए थे लेकिन 'शकुनि 'को जब ये पता चला कि धृतराष्ट्र देख नहीं सकते हैं तो उसे बहुत गुस्सा आया और उसने भीष्म पर सत्य छिपाने का आरोप लगाया और अपनी पिता और बहन से कहा कि वो इस रिश्ते से मना कर दें।
गांधारी ने बांधी आंखों पर पट्टी
लेकिन उसके पिता ने कहा कि 'वो जुबान दे चुके हैं' और गांधारी ने कहा कि 'उसने धृतराष्ट्र को अपना पति मान लिया है' और इसी के बाद उसने प्रण किया वो भी अब आजीवन नेत्रहीन ही रहेगी और उसने सदा के लिए अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली। शकुनि को इससे बहुत पीड़ा हुई और उसने तब ही ठानी की जिसके कारण मेरी बहन को अंधा होने पर विवश होना पड़ा है, मैं उसी कुरुवंश के विनाश का कारण बनूंगा।
सबसे छोटे पांडव सहदेव ने किया था शकुनि का वध
और आगे चलकर उसकी प्रतिज्ञा सत्यापित हुई और वो कुरुक्षेत्र के युद्द के दोषियों के प्रमुख चरित्रों से एक बना। वैसे शकुनि बहुत अच्छा रथी और योद्धा था। उसका वध कुरुक्षेत्र के मैदान में सबसे छोटे पांडव यानी कि सहदेव के हाथों हुआ था।












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