Ganesh Chaturthi 2025: क्या गणेश चतुर्थी पर हो सकता है बप्पा का विसर्जन? क्या कहते हैं नियम?
Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी का पावन पर्व पूरे धूम-धाम के साथ देश में मनाया जा रहा है। आज बहुत लोगों ने अपने घरों में बप्पा की स्थापना की है, कुछ लोग तो पूरे दस दिनों तक बप्पा की अराधना करते हैं लेकिन कुछ लोग एक या दो दिन में ही इसका विसर्जन कर देते हैं, ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या गणेश चतुर्थी पर ही गणेश जी का विसर्जन करना उचित है?

Ganesh Chaturthi पर विसर्जन किया जा सकता है या नहीं?
मालूम हो कि गणेश चतुर्थी का पर्व 10 दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से होती है और इसका समापन अनंत चतुर्दशी को गणपति विसर्जन के साथ होता है।शास्त्रों में स्पष्ट नियम नहीं है कि गणेश जी का विसर्जन केवल अनंत चतुर्दशी को ही किया जाए। परंपरागत रूप से विसर्जन 1 दिन, 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन और 10 दिन (अनंत चतुर्दशी) पर किया जाता है।
एक दिवसीय गणपति स्थापना (Ganesh Chaturthi 2025)
यदि किसी कारणवश घर में गणेश जी को लंबे समय तक रखना संभव न हो, तो गणेश चतुर्थी के दिन ही प्रतिमा स्थापना के बाद पूजन करके उसी दिन विसर्जन किया जा सकता है लेकिन इसके लिए आप किसी पंडित से विचार विमर्श करके ही कदम उठाएं। विसर्जन का काम हमेश पुरुषों के हाथों किया जाता है। जब चतुर्थी के ही दिन विसर्जन होता है तो उसे एक दिवसीय गणपति स्थापना कहा जाता है।
गणेश विसर्जन के नियम
- विसर्जन से पहले गणपति जी की विधिपूर्वक पूजा करें।
- जिस भावना से स्थापना की है, उसी भाव से विसर्जन करना जरूरी है।
- विसर्जन के समय 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' का जयघोष करना चाहिए।
- प्रतिमा को नदी, तालाब, या कृत्रिम टैंक में विसर्जित करते हैं।
Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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