'गांधी बिफोर गांधी' का मंचन हिन्दी में

इस नाटक का मंचन जैन सोसाइटी ऑफ मेट्रोपॉलिटन वॉशिंगटन की ओर से 3601 पॉवडर मिल रोड, बेल्ट्सविले में स्थित हाई प्वाइंट हाईस्कूल में 16 जुलाई को किया जायेगा। यह जानकारी देते हुए जैन सोसाइटी की पब्लिसिटी कमेटी के को-चेयर रूपेन शाह ने बताया कि इस नाटक का एक प्रोमो यू-ट्यूब पर भी अपलोड किया गया है।
बात अगर वीरचंद राघवजी गांधी की करें तो वे गांधी जी के करीब होने के साथ-साथ अच्छे मित्र भी थे। दोनों दो साल तक एक साथ एक ही घर में रहे थे। वीरचंद गांधी का निधन 37 वर्ष की आयु में 7 अगस्त 1901 में हुआ था। आजादी के बाद भारत सरकार ने उनके नाम से एक डाक टिकट भी प्रकाशित किया था।
उन्होंने अपना छोटा सा जीवन लोगों को समर्पित कर दिया। दर्शनशस्त्र के इस विद्वान ने जैन व अन्य धर्मों पर 535 भाषण दिये। जैन दर्शन पर उन्होंने कई किताबें लिखीं। उन्होंने फ्रेंच किताब 'एन अननोन लाइफ आफ जीसस क्राइस्ट' का अनुवाद भी किया था। उन्हें 14 भाषाओं का ज्ञान था और जैन धर्म के अलावा बौद्ध, ईसाई धर्म व पश्चिम सभ्यता और वेदों का ज्ञान उनमें समाया हुआ था। नाटक के बारे में अधिक जानकारी के लिए http://www.jainsocietydc.org./ पर देख सकते हैं।
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