जानिए जेठ के मंगल को क्यों कहते हैं 'बड़ा मंगल'?
हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां अवतार रूद्र माना जाता है जो कि अत्यंत बलवान और बुद्दिमान हैं।
नई दिल्ली। आज जेठ माह का सबसे बड़ा मंगल है, कहते हैं आज के दिन जो कुछ भी भगवान हनुमान जी से मांगा जाये वो उसे पूरा कर देते हैं। भगवान शिव के 11 वें अवतार हनुमान जी को अमर रहने का वरदान मिला है।
क्यों कहते हैं बड़ा मंगल?
कहते हैं हनुमान जी का जन्मदिन तो दिवाली के एक दिन पहले यानी नरक चतुदर्शी के दिन हुआ था लेकिन उन्हें अमरत्व का वरदान आज मिला था इसी कारण जेठ के मंगल को बड़ा मंगल और बूढ़वा मंगल कहते हैं।

11वां अवतार रूद्र
- हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां अवतार रूद्र माना जाता है जो कि अत्यंत बलवान और बुद्दिमान हैं।
- लेकिन कुछ पौराणिक कथाओं में हुनमान जी को वानर का वंशज कहा गया है जिसके कारण ही विराट नगर (राजस्थान) के वज्रांग मन्दिर में उनके वानर रूप की पूजा की जाती है।
- परन्तु गोभक्त महात्मा रामचन्द्र वीर ने एक ऐसा मंदिर बनावाया जिसमें हनुमान जी की बिना बन्दर वाले मुख की मूर्ति स्थापित की है। रामचन्द्र वीर ने हनुमान जी जाति वानर बताई है, शरीर नहीं।
- वीर के हिसाब से हुनुमान जी ने लंका-दहन करने के लिए वानर रूप धरा था।
- कहा जाता है कि हनुमान जी को गुस्सा नहीं आता है इसलिए जो लोग बहुत ज्यादा गुस्सा करते हैं उन्हें हनुमान जी की उपासना करने को कहा जाता है।
- हुनमान जी को बजरंग-बली इसलिए कहते हैं क्योंकि इनका शरीर एक वज्र की तरह मजबूत है।
- धरती पर केवल 7 लोगों को अमरतत्व मिला हुआ है जिसमें से पवनपुत्र हनुमान जी एक हैं।
- सूर्य को फल समझकर जब हनुमान जी खाने जा रहे थे तो इंद्र ने उन पर वज्र से पहाड़ किया जिसके कारण उनकी ठुड्डी यानी हनु टूट गई इस कारण ही उन्हें हनुमान कहा जाता है।

हनुमान जी जाति वानर

हनुमान जी को गुस्सा नहीं आता

वीर हनुमान का जन्म
मान्यता के अनुसार वीर हनुमान का जन्म आज से 1 करोड़ 85 लाख 58 हजार 112 साल पहले चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्र नक्षत्र व मेष लग्न के योग में सुबह 6.03 बजे हुआ था।

क्यों कहते हैं हनुमान?
{promotion-urls}












Click it and Unblock the Notifications