Diwali 2021: दिवाली में क्या है चोपड़ा पूजन/शारदा पूजा का महत्व, जानिए शुभ मुहूर्त
नई दिल्ली, 3 नवंबर: देशभर में दिवाली का त्योहार काफी उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन ही भगवान राम पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ 14 साल का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे। दिवाली पर होने वाली पूजा का भी विशेष महत्व है। दिवाली पर चोपड़ा पूजन किया जाता है, जिसको शारदा पूजन और मूहुर्त पूजन भी कहते हैं।

चोपड़ा पूजन गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में दिवाली पर काफी अहम अनुष्ठान है। इस साल 4 नवंबर, गुरुवार को चोपड़ा पूजन होगा। चोपड़ा पूजन में कारोबारी लोग देवी सरस्वती, लक्ष्मी और भगवान गणेश के सामने बहीखाता की पूजा करते हैं। इस दिन पुराना हिसाब किताब करते हुए नए खाते भी शुरू किए जाते हैं। ये हिंदू कैलेंडर के अनुसार नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। आज के दौर में जब हिसाब किताब बहीखातों की जगह कंप्यूटर में रखा जाने लगा है तो इसका असर चोपड़ा पूजन पर भी पड़ा है। कुछ जगहों पर लैपटॉप और कंप्यूटर को भी पूजा में प्रतीक के तौर पर रख लिया जाता है।
शारदा पूजा भी कहते हैं
दिवाली पर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के साथ ही माता शारदा यानी सरस्वती की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है। माता शारदा को ज्ञान, विद्या और बुद्धि की देवी माना जाता है। माता शारदा की पूजा व्यापार करने वाले वाले लोगों की महत्वपूर्ण होती है। गुजरात में इस दिन चोपड़ा यानी नए बहीखातों की शुरुआत होती है। ऐसे में गुजरात में शारदा पूजा ही चोपड़ा पूजा के नाम से भी प्रसिद्ध है।
चोपड़ा पूजन/शारदा पूजा का मुहूर्त
चोपड़ा पूजन 4 नवंबर गुरुवार को किया जाएगा।
सुबह का मुहूर्त - 06:39 बजे से 08:01 बजे तक
सुबह 10:43 बजे से दोपहर 02:47 बजे तक
इसके बाद शाम 04:08 बजे से शाम 08:47 बजे तक
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रात का मुहूर्त शुक्रवार सुबह 12:05 से 12:44 तक रहेगा।












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