Chaitra navratri 5th day: आज है मां स्कंद माता का दिन, जानिए पूजा मुहूर्त
मां स्कंदमाता की कृपा से अज्ञानी भी ज्ञानी हो जाता है। स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम से जाना जाता है।

Chaitra navratri 5th day: चैत्र नवरात्रि का 5वां दिन मां स्कंद माता का होता है, जिनका रूप काफी मोहक और सरस है, मां अपने बच्चों पर दोनों हाथों से ममता और प्रेम लुटाती हैं। देवी के इस रूप की पूजा करने से इंसान को मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां के शरण में जो भी जाता है,उसे हर तरह से सुख-शांति और वैभव की प्राप्ति होती है। उसके सारे कष्टों का अंत होता है और वो रोगमुक्त होता है।
रवियोग दोपहर 02.01 से है
आज सुबह से ही मंदिरों में मां के जयकारे गूंज रहे हैं। आपको बता दें कि चैत्र शुक्ल पंचमी तिथि का प्रारंभ शनिवार को दोपहर 04.23 से ही हो गया है जो कि आज 04.32 पर समाप्त होगा। आज रवियोग दोपहर 02.01 से लग रहा है तो मां स्ंकद माता की पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 3:30 बजे से शाम 4:05 तक है।
इन मंत्रों से करें मां की पूजा
- ओम् स्कन्दमात्रै नम: ओम् देवी स्कन्दमातायै नमः
- या देवी सर्वभूतेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
स्कंदमाता को पीला रंग पसंद है इसलिए उन्हें आज पूजा में पीले फूल अर्पित करें और पीली चीजों का भोग लगाएं, पूजा करते वक्त आप खुद भी पीले वस्त्र पहन सकते हैं। ऐसा करने से मां खुश होती हैं।
आरती
- जय तेरी हो स्कंदमाता
- पांचवा नाम तुम्हारा आता
- सब के मन की जानन हारी
- जग जननी सब की महतारी
- तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं हरदम
- तुम्हें ध्याता रहूं मैं कई नामो से तुझे पुकारा
- मुझे एक है तेरा सहारा
- कहीं पहाड़ों पर है डेरा
- कई शहरों में तेरा बसेरा
- हर मंदिर में तेरे नजारे
- गुण गाए तेरे भगत प्यारे
- भगति अपनी मुझे दिला दो
- शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो
- इन्दर आदी देवता मिल सारे
- करे पुकार तुम्हारे द्वारे
- दुष्ट दत्य जब चढ़ कर आये
- तुम ही खंडा हाथ उठाये दासो
- को सदा बचाने आई
- चमन की आस बुझाने आई।












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