Chaitra Navratri 2018: क्यों महत्वपूर्ण हैं अष्टमी-नवमी तिथि, क्या कहता है धर्म?
नई दिल्ली। आज लोग अष्टमी और नवमी दोनों का त्योहार मना रहे हैं। मां दुर्गा को पूजने वालों की नजर में तो आज का पर्व काफी महत्वपूर्ण है लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज का दिन वैज्ञानिक लिहाज से भी काफी खास है। अगर नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं, पहले बात करते हैं अष्टमी यानी नंबर 8 की, जिसका भगवान विष्णु से है खास रिश्ता।

भगवान विष्णु 8 शक्तियों का पर्याय
- दरअसल नंबर भगवान विष्णु का प्रिय नंबर है।
- भगवान विष्णु 8 शक्तियों का पर्याय है।
- विष्णु के अवतार भगवान कृष्ण हैं और वो मां देवकी के 8वें पुत्र हैं।
- कृष्ण भगवान हमेशा चारों ओर आठ गोपियों से घिरे रहते हैं।
- नंबर 8 भगवान शिव का भी प्रिय नंबर है क्योंकि वो शिव आठ सिद्धियों के मालिक हैं।
- यही नहीं नंबर आठ भगवान गणेश जी को काफी भाता है क्योंकि उनके पास आठ पत्नियां हैं जिन्हें अष्ट सिद्धि कहते हैं।
- नंबर 9 पूर्णता / पूर्णता का प्रतिनिधित्व करता है।
- नवरात्र की पूजा बिना नौ ग्रहों के बिना नहीं होती है।
- मां के नौ रूप हैं जो कि आदि और अलौकिक शक्ति का पर्याय है।
- मां के नौ रूप हैं जो कि आदि और अलौकिक शक्ति का पर्याय है।
- 9 महीने के गर्भ से ही स्वस्थ बच्चे का जन्म होता है।
- नवमी का जैविक और धार्मिक महत्व है जो पूर्णता का पूरक है, नंबर 9 वाले हर चीज में माहिर होते हैं इसलिए जिनका जन्मदिन के मूलांक 9 होता है वो काफी सौभाग्यशाली माने जाते हैं।

नंबर 8 भगवान शिव का भी प्रिय नंबर

64 योनियां
64 योनियों प्रजनन और सुरक्षात्मक देवताओं, रहस्यमय ज्ञान के संरक्षक हैं। जो कि आठ का आठ से गुणा करने पर प्राप्त होता है। लोग अष्टलक्ष्मी की ही पूजा करते हैं ताकि धन-संपदा हमेशा बनी रहे।

नंबर 9 पूर्णता / पूर्णता का प्रतिनिधित्व करता है













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