Bhauma Pradosh Vrat 2022: कब है भौमप्रदोष व्रत और क्या है इसकी पूजा विधि?
नई दिल्ली, 09 मार्च। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष में भौमप्रदोष का संयोग 15 मार्च 2022 को बन रहा है। भौमप्रदोष व्रत उन लोगों को विशेषरूप से करना चाहिए जो कर्ज में डूबे हुए हैं या जो अपनी भूमि, भवन, संपत्ति खरीदना चाहते हैं। भौमप्रदोष के दिन व्रत रखकर विधि विधान से शिवजी का पूजन करने के साथ ही कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं जो सुख-समृद्धि प्रदान करने के साथ ही कर्ज से भी आपको मुक्ति दिलाएंगे।

कैसे करें प्रदोषव्रत की पूजा
- प्रदोष के दिन प्रात:काल स्नानादि से निवृत होकर व्रत का संकल्प लें। यदि आप कर्ज मुक्ति के निमित्त प्रदोष व्रत कर रहें हैं तो संकल्प में उसका वर्णन भी करें। शिव परिवार का पूजन करें। दिनभर निराहार व्रत रखें। सायंकाल प्रदोषकाल में पुन: शिवजी का अभिषेक पूजन करें। प्रदोष व्रत की कथा सुनें या पढ़ें, फलों और मिष्ठान्न का नैवेद्य लगाएं।
- कर्ज मुक्ति के लिए भौमप्रदोष के दिन शिवजी का पूजन करके गन्ने के रस से अभिषेक करें।
- शिवजी को लाल मसूर की दाल अपने हाथ से अर्पित करें और ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहें।
- कर्ज मुक्ति के लिए भौमप्रदोष के दिन गणेशजी के ऋणमोचक मंगल स्तोत्र के 21 पाठ करें।
- इस दिन मंगल यंत्र की स्थापना करें। तांबे या अष्टधातु का यंत्र या केसर की स्याही से बने हुए यंत्र का पूजन करें।
- भौमप्रदोष के दिन हनुमानजी को आंकड़े के 51 पत्तों से बनी माला पहनाएं। प्रत्येक पत्ते पर राम लिखें।
- पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा करते हुए जल अर्पित करें।
- विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। लक्ष्मी-विष्णु के मंदिर में दर्शन कर खीर का नैवेद्य लगाएं।
- मंगल दोष से पीड़ित जातकों का कर्ज कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए भौमप्रदोष के दिन मंगल को प्रसन्न करने के लिए मंगल स्तोत्र का पाठ करें।
- भौमप्रदोष के दिन पूरे दिन केसर का तिलक मस्तक, कंठ और नाभि में लगाएं।












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