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कष्टों से मुक्ति दिलाकर धन प्रदान करता है बजरंग बाण का पाठ

By Pt Gajendra Sharma
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नई दिल्ली। भगवान शिव के अवतार और राम के दूत भगवान बजरंगबली को कलयुग का जागृत देव कहा गया है। ये सप्त चिरंजीवी में से एक हैं। अर्थात् बजरंगबली साक्षात धरती पर सशरीर मौजूद हैं। माना जाता है कि आज भी जहां भी सुंदरकांड का पाठ होता है वहां बजरंगबली किसी ना किसी रूप में उसे सुनने जरूर पहुंचते हैं। बजरंगबली समस्त संकटों से मुक्ति दिलाने वाले देवता हैं। तांत्रिकों और सिद्ध साधकों के लिए तो यही उनके ईष्ट देव होते हैं। यदि आपके जीवन में भी संकटों की भरमार है तो बिना देर किए बजरंगबली की पूजा शुरू कर दीजिए। इसमें भी उनका सिद्ध बजरंग बाण अत्यंत चमत्कारिक और तुरंत समस्त सुख प्रदान करने वाला है।

आइए जानते हैं बजरंग बाण को कब क्यों पढ़ना चाहिए...

बजरंग बाण

बजरंग बाण

बजरंग बाण का पाठ सभी प्रकार के कष्टों एवं बाधाओं से मुक्ति पाने तथा भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए किया जाता है। बजरंग बाण के पाठ से कठिन से कठिन रोग से भी मुक्ति मिल जाती है। समस्त प्रकार के शारीरिक कष्टों से मुक्ति, दरिद्रता का नाशक और भूत-प्रेतों बुरी शक्तियों से मुक्ति बजरंग बाण के पाठ से मिल जाती है। इसके समान कोई ऋण मोचक भी नहीं है।

बजरंग बाण का पाठ हर दिन किया जाना चाहिए

बजरंग बाण का पाठ हर दिन किया जाना चाहिए

बजरंग बाण का पाठ वैसे तो हर दिन किया जाना चाहिए, लेकिन यदि आप प्रतिदिन पाठ नहीं कर सकते तो प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को जरूर करना चाहिए। इसका पाठ करने के लिए स्नानादि दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर साफ कपड़े पहनकर पूजा स्थान में बैठें। बैठने के लिए ऊनी आसन का इस्तेमाल करें। पूजा स्थान में अपने सामने श्रीराम दरबार का एक चित्र रखें जिसमें हनुमान जी भी हों इसके बाद एकाग्रचित्त होकर बजरंग बाण का पाठ करें। बजरंग बली की पूजा में नियम, संयम का पालन अवश्य करना चाहिए अन्यथा शीघ्र फल की प्राप्ति नहीं होती है।

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कब शुरू करें पाठ

कब शुरू करें पाठ

बजरंग बाण का पाठ किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार से शुरू किया जाता है। यदि आप किसी विशेष कार्य की सिद्धि के लिए यह पाठ कर रहें हैं तो कम से कम 41 दिन तक प्रतिदिन नियमपूर्वक अवश्य करें। विशेष कार्यसिद्धि के लिए साधना काल में कठोर ब्रह्मचर्य का पालन करें और लाल वस्त्र का धारण करें। पाठ के दौरान किसी प्रकार का दुर्व्यसन न करें।

 बजरंग बाण के लाभ

बजरंग बाण के लाभ

  • यदि आप किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं तो और ऐसा लग रहा है कि अब रोग ठीक नहीं होगा, तो लगातार बजरंग बाण का पाठ करने से रोग मुक्ति होती है।
  • यदि आप किसी प्रकार के कोर्ट-कचहरी के मामलों में उलझे हुए हैं। शत्रु परेशान कर रहे हैं तो प्रत्येक मंगलवार या शनिवार को बजरंग बाण के 11 पाठ करने से शीघ्र ही लाभ मिलता है।
  • नौकरी में बाधाएं आ रही हो। नौकरी छूटने का भय सता रहा हो। बॉस बेवजह परेशान कर रहा हो तो बजरंगबाण का पाठ करें।
  • बजरंग बाण का पाठ करने से सभी प्रकार के आर्थिक संकट दूर हो जाते हैं।
  • मंगलवार और शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर बजरंग बाण का पाठ करने से वैवाहिक समस्या दूर हो जाती है।
  • नौकरी का इंटरव्यू देने जा रहे हैं तो बजरंग बाण का पाठ करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
  • बजरंग बाण का नियमित पाठ करने से आपमें सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। आत्मविश्वास में वृद्धि हेाती है।

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English summary
The Bajrang Baan written by Shri Tulsdias in the Awadhi language is a very powerful mantra when chanted with full devotion and complete good intention.
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