Ashadhi Amavasya 2022: आषाढ़ माह की अमावस्या आज, जानिए क्या होगा देश पर प्रभाव?
नई दिल्ली, 28 जून। आषाढ़ माह की अमावस्या आज है। इस दिन आद्र्रा नक्षत्र, वृद्धि योग और नाग करण आ रहा है। वृद्धि योग होने के कारण यह अमावस्या आर्थिक परेशानियों को दूर करके सुख-संपत्ति और धन-धान्य में वृद्धि करने वाली रहेगी। नाग करण होने के कारण कालसर्प दोष, नाग दोष, ग्रहण दोष, राहु-केतु से बनने वाले दुर्योगों का प्रभाव दूर करने के लिए इस अमावस्या का विशेष महत्व रहेगा।

धन-संपदा में वृद्धि के लिए
आषाढ़ी अमावस्या के दिन तिथि तो प्रात: 8.23 बजे ही समाप्त हो जाएगी किंतु उदयव्यापिनी तिथि लेने के कारण इसका पुण्यकाल रात्रि तक रहेगा। यह अमावस्या वृद्धि योग में आ रही है। इसलिए धन संपदा में वृद्धि के लिए इस दिन सायंकाल के समय पीपल के पेड़ के नीचे पंच दीप प्रयोग करें। अमावस्या के दिन सूर्यास्त होने के डेढ़ घंटे बाद पीपल वृक्ष के नीचे मिट्टी के पांच दीपक लगाएं। दो दीपक में सरसों का तेल, दो दीपक में तिल का तेल और एक दीपक शुद्ध घी का लगाएं। इसके बाद पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा करते हुए ऊं नमो नारायणाय नम: का जाप करते रहें और अपनी आर्थिक परेशानियों को दूर करने की विनती भगवान नारायण से करें। इसके बाद चुपचाप किसी से भी बात किए बिना अपने घर लौट आएं। अगली अमावस्या तक आपकी आर्थिक परेशानियों का हल मिलने लगेगा।
दोष दूर करने के लिए
अमावस्या के दिन नाग दोष, कालसर्प दोष दूर करने के लिए काले पत्थर के शिवलिंग या नर्मदेश्वर शिवलिंग का अभिषेक पंचामृत से करते हुए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। लाल चंदन से शिवलिंग को त्रिपुंड लगाएं और स्वयं भी उसी में से त्रिपुंड धारण करें। शिवलिंग पर लगे सर्प का पूजन करें और नवग्रह स्तोत्र के नौ पाठ करें।
क्या होगा देश पर प्रभाव
आषाढ़ी अमावस्या के दिन आद्र्रा नक्षत्र का भोग 50 प्रतिशत से अधिक होना भारत जैसे लोकतांत्रिक व शांतिप्रिय देश के लिए शुभप्रद है। इससे देश में अंतर्विरोधों के बावजूद शांति स्थापित होगी। कुछ प्रदेशों में भीषण वर्षा होने की संभावना बनेगी, जबकिकुछ भाग बिन वर्षा के रहेंगे।











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