Arvind Kejriwal Ramayan Row: सीता का अपहरण किसने किया? केजरीवाल से कहां हुई चूक?
Arvind Kejriwal Ramayan Row:दिल्ली में 5 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, कोहरे और शीतलहर में लिपटी दिल्ली में इस वक्त सियासी पारा काफा हाई हैं, राजनीतिक दल अपने-अपने हिसाब से लोगों को लुभाने में लगे हैं तो वहीं इसी बीच दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने एक ऐसा बयान दिया, जिस पर बवाल मच गया है।
भाजपा पर वार करते हुए उन्होंने रामायण की ऐसी कहानी सुना दी जो कि उन्हीं के लिए मुसीबत बन गई है। दरअसल मंगलवार को झुग्गीवासियों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने सीता हरण का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि 'वनवास के दौरान एक दिन भगवान राम जंगल में खाने का इंतजाम करने गए थे और मां सीता को कुटिया में छोड़ गए थे। उन्होंने अपने छोटे भाई लक्ष्मण से कहा था कि तुम सीता की रक्षा करना।'
पहले लक्ष्मण ने जाने से किया था मना (Arvind Kejriwal Ramayan Row)
उनके जाने के बाद रावण सोने का हिरण बनकर वहां आता है, जिसे देखते ही सीता मां अपने देवर लक्ष्मण से कहती हैं कि 'उन्हें वो हिरण चाहिए 'लेकिन लक्ष्मण बोलते हैं कि 'ना मैया, मैं नहीं जाऊंगा,भगवान राम कहकर गए हैं कि मुझे आपकी रक्षा करनी है।'
सोने के मृग की तरह है भाजपा: केजरीवाल
जिस पर सीता मां कहती हैं कि 'मैं आपको आदेश देती हूं कि जाओ, जिसके बाद लक्ष्मण चले जाते हैं और इसी दौरान रावण अपना भेष बदलकर के सीता मैया का हऱण कर लेता है। तो वही हाल भाजपा का है, वो भी सोने के मृग की तरह है, केवल छल करती है, आप लोग उनके झांसे में मत आना वरना आपका भी हरण हो जाएगा।'
केजरीवाल पर भड़की भाजपा, बताया-'चुनावी हिंदू' ( BJP vs AAP)
केजरीवाल तो ये कहानी कहकर चलते बने लेकिन उनकी गलत कहानी पर भाजपा बुरी तरह से तिलमिला गई है। उसने कहा है कि 'इसे कहते हैं चुनावी हिंदू। इन्हें ये ही नहीं पता कि हिऱण कौन बना था, रावण तो साधु बनकर आया है। केजरीवाल ने हमारे रामायण का अपमान किया है इसलिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।'
कौन था वो सोने का हिरण, कहां से आया था और कैसे हुआ था सीताहरण?
फिलहाल सियासी गलियारों में इस वक्त जबरदस्त ढंग से इस बारे में बवाल मचा हुआ है लेकिन यहां आपको बताते हैं कि आखिर सच क्या है? कौन था वो सोने का हिरण, कहां से आया था और कैसे हुआ था सीताहरण?
रामायण में, मारीच एक राक्षस का नाम है (Arvind Kejriwal Ramayan Row)
दरअसल रामायण में, मारीच एक राक्षस का नाम है, जिसे की रूप बदलने का अवतार प्राप्त था, इसी वजह से रावण ने सीता हरण के लिए उसकी मदद ली थी। वो रिश्ते में रावण का मामा भी लगता था। रावण ने अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए सीता के हरण की योजना बनाई थी।
रावण के आदेश पर मारीच ने 'स्वर्ण मृग' का रूप धारण किया ( Ramayan)
'रामायण' के अरण्य कांड में मारीच का वर्णन है, रावण के आदेश पर मारीच ने 'स्वर्ण मृग' का रूप धारण किया था। यह मृग इतना सुंदर और आकर्षक था कि सीता ने इसे देखकर राम से इसे पकड़ने की इच्छा व्यक्त की। तब राम ने मृग को पकड़ने के लिए उसका पीछा किया, लेकिन मारीच छलपूर्वक राम को वन में ले गया । जब राम ने मृग को बाण से मारा, तो मरते समय मारीच ने राम की आवाज़ में "सीता, लक्ष्मण" पुकारा। इससे सीता चिंतित हो गईं और उन्होंने लक्ष्मण को राम की सहायता के लिए भेजा।
सीता ने दिया था आदेश, लक्ष्मण ने खीचीं थी रेखा (Ramyan)
राम ने लक्ष्मण को सीता की रक्षा करने के लिए कहा था इसलिए लक्ष्मण ने पहले जाने से मना कर दिया लेकिन जब सीता मां ने जिद की तो लक्ष्मण ने कहा कि 'वो जाते हैं लेकिन उन्होंने सीता मां के सामने एक लक्ष्मण रेखा खींची और कहा कि वो जब तक वापस नहीं आते हैं, तब तक आप इसे पार ना करें।'
रावण बनकर आया था साधू, धोखे से किया था सीता का हरण (Sita Haran)
लक्ष्मण के जाने के बाद रावण एक साधु के रूप में वहां आया और भिक्षा मांगने लग गया, सीता मां ने पहले लक्ष्मण रेखा पार करने से मना कर दिया और कहा कि 'बाबा आप यहां आकर भिक्षा लें ले, मुझे क्षमा करें।'
'ये एक साधु का अनादर है और ये तुमने सही नहीं किया'
इस पर साधु को गुस्सा आ गया और वो बोला कि 'ये एक साधु का अनादर है और ये तुमने सही नहीं किया', तब सीता को लगा कि शायद ये अपमान होगा और फिर उन्होंने लक्ष्मण रेखा पार कर दी और साधु के पास भिक्षा देने पहुंची। जैसे ही सीता उसके निकट आईं, वो साधु असल रूप में आ गया और उसने सीता मां का हरण कर लिया।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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