...जब पिघल जाएगा आर्कटिक

...जब पिघल जाएगा आर्कटिक

अगले 20 वर्षों के भीतर आर्कटिक सागर की बर्फ गर्मियों के महीनों में पूरी तरह पिघल जाएगी. इतना ही नहीं, बर्फ़ इस तरह पिघलेगी कि इसमें जहाज़ों का आना जाना प्रारंभ हो जायेगा.

ये निष्कर्ष है कैम्ब्रिज़ विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर पीटर वाधम्स का.

प्रोफ़ेसर पीटर वाधम्स आर्कटिक सागर की बर्फ का अध्ययन 1960 के दशक से कर रहे हैं.

उनका यह निष्कर्ष कैटलिन आर्कटिक सर्वे की रिपोर्ट पर आधारित है. इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट पेन हैडो के नेतृत्व में तैयार की गई है.

सर्वेक्षण

कैटलिन आर्कटिक सर्वे के अनुसार आने वाले वर्षो में मौसम में होने वाले परिवर्तनों से तापमान, समुद्री हवाओं और विशेषकर बर्फ़ के जमने के ढर्रे में भारी परिवर्तन आएगा.

यहाँ तक कि अगले 10 से 20 वर्षों के भीतर आर्कटिक सागर गर्मियों में बर्फ़ रहित हो जाएगा.

इसकी वजह से अल्पकाल में आर्कटिक सागर में जहाज़ों की आवाजाही बढ़ेगी, गैस और तेल के स्रोत उपलब्ध होंगें.

पर दीर्घ काल में इसके नकारात्मक प्रभाव सामने आएंगें. पृथ्वी का तापमान बढ़ेगा, समुद्र और उसके वातावरण में भारी बदलाव देखने में आएंगे और जल में अम्लीकरण बढ़ेगा.

रिपोर्ट तैयार करने वाले वैज्ञानिक पेन हैडो का कहना है कि उन्हें इस बात से काफ़ी सदमा पहुंचा है कि उन्होंने अपने जीवनकाल में देखा है कि किस तरह से अन्तरिक्ष से पृथ्वी कितना बदली हुई नज़र आती है.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+