Akshaya Tritiya Vivah Muhurat: आज शादी करना हो सकता है खतरनाक, जानिए क्यों?
Akshaya Tritiya Vivah Muhurat: अक्षय तृतीया वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। ये दिन बहुत ज्याद शुभ है, इसलिए इस दिन लोग शादी, मुंडन और गृहप्रवेश जैसे काम भी करते हैं।
माना जाता है कि इस दिन किए गए काम पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की खास कृपा होती है, आज ये शुभ दिन आया है। आपको बता दें कि शु्क्रवार का दिन मां लक्ष्मी को ही समर्पित है इसलिए इस बार इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है।

अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त माना जाता है लेकिन इस बार अक्षय तृतीया पर विवाह के लिए एक भी अच्छा मुहूर्त नहीं है लेकिन अन्य मांगलिक कामों के लिए शुभ मुहूर्त हैं।
30 जून तक शादी के शुभ मुहूर्त नहीं है
शुक्र का तारा अस्त होने की वजह से 30 जून तक शादी के शुभ मुहूर्त नहीं है इसलिए इस बार अक्षय तृतीया पर भी सात फेरों के योग नहीं है, अगर इस दिन कोई शादी करेगा तो उसे लेने के देने पड़ जाएंगे।
मालूम हो कि जून के बाद सीधे जुलाई में ही शादी के मुहूर्त हैं, जिनका ब्यौरा निम्नलिखित है...
- जुलाई 2024- आषाढ़
- 9 जुलाई मंगलवार- आषाढ़ शुक्ल 3
- 11 जुलाई गुरुवार- आषाढ़ शुक्ल 5
- 15 जुलाई सोमवार- आषाढ़ शुक्ल 9
17 जुलाई से 12 नवंबर तक देवशयन रहने के कारण विवाह नहीं होंगे यानी कि जुलाई के बाद सीधे नवंबर में ही शादी के लिए मुहूर्त का योग है।
अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी की आरती विशेष रूप से करनी चाहिए, ऐसा करने से इंसान के घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है और मां का आशीष सदैव उस पर बना रहता है।
मां लक्ष्मी की आरती ( Maa Laxmi Aarti)
- महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं,
- नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि ।
- हरि प्रिये नमस्तुभ्यं,
- नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥
- पद्मालये नमस्तुभ्यं,
- नमस्तुभ्यं च सर्वदे ।
- सर्वभूत हितार्थाय,
- वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता,
- मैया जय लक्ष्मी माता ।
- तुमको निसदिन सेवत,
- हर विष्णु विधाता ॥
- उमा, रमा, ब्रम्हाणी,
- तुम ही जग माता ।
- सूर्य चद्रंमा ध्यावत,
- नारद ऋषि गाता ॥
- ॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
- दुर्गा रुप निरंजनि,
- सुख-संपत्ति दाता ।
- जो कोई तुमको ध्याता,
- ऋद्धि-सिद्धि धन पाता ॥
- ॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
- तुम ही पाताल निवासनी,
- तुम ही शुभदाता ।
- कर्म-प्रभाव-प्रकाशनी,
- भव निधि की त्राता ॥
- ॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
- जिस घर तुम रहती हो,
- ताँहि में हैं सद्गुण आता ।
- सब सभंव हो जाता,
- मन नहीं घबराता ॥
- ॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
- तुम बिन यज्ञ ना होता,
- वस्त्र न कोई पाता ।
- खान पान का वैभव,
- सब तुमसे आता ॥
- ॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
- शुभ गुण मंदिर सुंदर,
- क्षीरोदधि जाता ।
- रत्न चतुर्दश तुम बिन,
- कोई नहीं पाता ॥
- ॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
- महालक्ष्मी जी की आरती,
- जो कोई नर गाता ।
- उँर आंनद समाता,
- पाप उतर जाता ॥
- ॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता,
- मैया जय लक्ष्मी माता ।
- तुमको निसदिन सेवत,
- हर विष्णु विधाता ॥
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












Click it and Unblock the Notifications