यूपी: 10 किलोवाट तक का सोलर प्लांट लगा सकते हैं उपभोक्ता, किसानों को भी मिलेगा लाभ
मेरठ। मेरठ में घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर किसानों तक के लिए भारत सरकार की नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय की कुछ योजनाएं ऐसी हैं जिससे बिजली मूल्य के बढ़ते दामों के दबाव से न सिर्फ बचा जा सकता है बल्कि खुद बिजली पैदा करके ऊर्जा निगम को बेचा जा सकता है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने इन योजनाओं के बारे में जानकारी दी। निगम की इस कवायद का सीधे-सीधे किसानों को तो लाभ मिलेगा ही, साथ ही बिजली का उत्पादन भी बढ़ जाएगा और बिजली उत्पादन बढ़ने से जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। संभवत: किसान अब सोलर ऊर्जा प्लांट के लिए अपनी रूचि पैदा करेंगे।

यह बताया एमडी ने
उन्होंने बताया कि सोलर रूफटाप योजना फेज-दो के तहत कोई भी उपभोक्ता 10 किलोवाट तक का ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट लगा सकता है। इसमें स्वयं के इस्तेमाल के बाद जो बिजली बचेगी उसे ऊर्जा ग्रिड को दी जा सकेगी। जिसका समायोजन बिजली के बिल में किया जाएगा। इस योजना में तीन किलोवाट तक 40 फीसद एवं तीन से 10 किलोवाट तक 20 फीसद अनुदान केंद्र सरकार देती है।
सोलर प्लांट का काम
राज्य सरकार इसमें एक किलोवाट तक के लिए 15 हजार एवं दो से 10 किलोवाट तक 30 हजार का अनुदान देती है। उन्होंने बताया कि यूपीनेडा द्वारा वेंडर नामित किए गए हैं जिसके द्वारा सोलर प्लांट लगाने का कार्य किया जा रहा है।
सोलर रूफटाप प्लांट के लाभ
1.बिजली के बिल में कमी।
2.एक बार का निवेश।
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3.कम रख-रखाव।
4.स्वच्छ ऊर्जा।
5.पांच वर्षों तक निश्शुल्क रख-रखाव।
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कोई किसान या किसान समूह गैर उपजाऊ जमीन पर दो मेगावाट तक का सोलर प्लांट लगा सकता है। जमीन बिजली घर के आस पास पांच किमी की सीमा हो। इससे उत्पन्न बिजली को ग्रिड में देकर लाभ कमा सकता है। कोई भी किसान अपने डीजल चलित पंप को (जो डार्क जोन में न हो) सोलर चलित पंप में बदल सकता है। 7.5 हार्स पावर तक के लिए 60 फीसद सब्सिडी मिलेगी।












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