राम मंदिर: ट्रस्ट का दावा- राह में रोड़े बहुत पर तय समय में पूरा होगा राम मंदिर निर्माण

लखनऊ, 18 जून: अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए संघर्ष सदियों पुराना है। 19 नवंबर, 2019 को रामलला के हक में सुप्रीम फैसला आने के साथ इस संघर्ष का पटाक्षेप तो हुआ, पर बाधाएं इसके बाद भी आ रही हैं। मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन गत वर्ष पांच अगस्त को ही किया, किंतु श्रीराम जन्मभूमि की भराव एवं बालू से युक्त सतह के चलते नींव की डिजाइन अंतिम रूप से तय होने में पांच माह से अधिक का वक्त लगा और सही अर्थों में मंदिर निर्माण इसी वर्ष 15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर शुरू हो सका। हालांकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का दावा है कि तय समय में ही मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा।

ram janmabhoomi trust claims ram temple construction in will be completed within stipulated time

राम मंदिर निर्माण के लिए चार सौ फीट लंबे, तीन सौ चौड़े एवं 50 मीटर गहरे भूक्षेत्र में नींव खनन का काम पूरे दो माह तक चला और खनन पूर्ण होते ही नींव की भराई का काम भी शुरू हो गया। काम आगे बढ़ने के साथ इसकी तीव्रता भी सुनिश्चित होती गई। पत्थर की गिट्टी, पत्थर का ही चूर्ण और पत्थर के कोयले की राख से तैयार अति मजबूत मिश्रण से नींव की कुल 44 परत तैयार होनी है। अब तक नींव की आठ परत तैयार हो चुकी हैं। शुरू में नींव भरे जाने की गति कुछ मंद थी, तो इसी माह से नींव भरे जाने का काम दो शिफ्ट में सुनिश्चित कर दिया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि नींव की जो परत 12 से 15 दिन में तैयार की जा रही थी, वह अब सप्ताह भर में तैयार की जा रही है।

मंदिर के लिए भूमि खरीद में घोटाले का आरोप

राम मंदिर निर्माण में तीव्रता के उत्साह पर उस दिन पानी फिरता प्रतीत हुआ, जब गत रविवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर भूमि खरीद में घोटाले का आरोप लगाया गया। एकाएक लगा कि इस तरह का आरोप तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संकल्प को विचलित कर देगा, किंतु ट्रस्ट आरोप के इस ग्रहण से मुक्त हो पूरी चमक के साथ मंदिर निर्माण की योजना को प्रशस्त कर रहा है। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय कहते हैं कि न केवल अक्टूबर माह तक नींव की भराई पूरी कर ली जाएगी, बल्कि तय समय में मंदिर का निर्माण भी पूरा होगा।

समय से निर्माण के लिए कई मोर्चों पर काम

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भूमि पूजन के ही समय में 39 माह में मंदिर निर्माण पूर्ण होने की घोषणा की थी। इस अवधि में से 10 माह 12 दिन का समय बीत भी चुका है। मंदिर का बाकी काम 28 माह 18 दिन में पूरा होना है। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तय अवधि में मंदिर निर्माण की चुनौती से परिचित भी है और इसीलिए एक साथ कई मोर्चों पर काम की योजना पर अमल किया जा रहा है। नींव खनन के दौरान निकली मिट्टी को यथास्थान ठिकाने लगाने के बाद जल्दी नींव भरे जाने के साथ परकोटा और पश्चिमी छोर पर रिटेनिंग वॉल के निर्माण का काम भी शुरू होगा। इस बीच प्लिंथ के पत्थर एवं मंदिर निर्माण में प्रयुक्त होने वाले पत्थर लाए जाने एवं उनकी अपेक्षित आकार में तराशी का होमवर्क भी पूरा है।

छह शिखर वाले मंदिर में होंगे 366 स्तंभ

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर तीन तल का है। प्रत्येक तल 20 फीट ऊंचा होगा। प्रस्तावित मंदिर में 366 स्तंभ प्रयुक्त होने हैं। भूतल पर 160, प्रथम तल पर 132 एवं दूसरे तल पर 74 स्तंभ लगेंगे। मंदिर में 161 फीट ऊंचे मुख्य शिखर के अलावा पांच उप शिखर भी होंगे।

भव्य अयोध्या में दुनिया की नामी संस्थाएं चाह रहीं जमीन

राममंदिर पर फैसला आने के बाद अयोध्या को ग्लोबल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने में जुटी योगी सरकार के प्रयासों से पूरा विश्व रामनगरी की ओर आकर्षित है। इसीलिए दुनिया की नामी संस्थाएं, उद्यमी व विशिष्टजन रामनगरी में स्थान पाने को उत्सुक नजर आ रहे हैं। सनातन धर्मशाला, पांच सितारा होटल तो कोई यहां मल्टी स्पेशियलिटी हास्पिटल और गोल्फ कोर्स बनाना चाहता है। भव्य अयोध्या टाउनशिप में अपना स्थान सुनिश्चित कराने के लिए देश-विदेश की 34 नामी संस्थाएं सामने आ चुकी हैं। विकास प्राधिकरण सरकार की मंशा को फलीभूत करने में लगा है।

देश की विभिन्न संस्थाओं एवं विशिष्ट लोगों ने मांगी जमीन

आवास विकास परिषद से जुड़े एक उच्चाधिकारी की मानें तो अभी तक 200 एकड़ का प्रस्ताव मिल चुका है। सिंगापुर की सिम सिटी स्पेशलिटी प्राइवेट लिमिटेड भी कतार में हैं, जो यहां उच्च श्रेणी का रिसार्ट बनाना चाहती है। इंडियन गोल्फ यूनियन के सदस्य ने गोल्फ कोर्स बनाने के लिए भूमि मांगी है। देश के जाने माने उद्यमी राकेश लाधानी ने आध्यात्मिक सह कल्याण केंद्र के लिए भूमि मांगी है। इसी क्रम में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सुप्रसिद्ध कई संस्थाएं यहां उच्चकोटि की सुविधा वाले हास्पिटल बनाने की इच्छा लेकर भव्य अयोध्या में भूमि प्राप्त करने के लिए आगे आई हैं। विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को गति प्रदान की जा रही है। भव्य अयोध्या में स्थान पाने के लिए इच्छुक संस्थाएं संपर्क कर रही हैं।

खरीदी जा चुकी है 350 एकड़ भूमि

भव्य अयोध्या टाउनशिप 1192 एकड़ में बसेगी। इसके लिए 350 एकड़ भूमि अभी तक खरीदी जा चुकी है। रामनगरी से सटे शहनवाजपुर, माझा बरहटा और तिहुरा में योजना का विस्तार होगा। भूमि खरीद प्रक्रिया को निर्बाध बनाने के लिए अपर आवास आयुक्त डा. नीरज शुक्ला हर हफ्ते यहां समीक्षा के लिए आ रहे हैं। भव्य अयोध्या के निकट ही पर्यटन विभाग की ओर से श्रीराम की भव्य प्रतिमा भी लगाई जाएगी। इसके लिए भूमि अभी तक पर्यटन विभाग को खरीदनी थी, लेकिन योजना बनाई जा रही है कि आवास विकास परिषद भूमि की खरीद करे। अभी भव्य अयोध्या में भूमि का मूल्य निर्धारित नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि इसमें भी आवास विकास परिषद अपने सहयोगी विकास प्राधिकरण और ग्लोबल कंसल्टेंट ली एसोसिएट्स की मदद ले सकता है।

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