CSU में स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान, कचरा-स्क्रैप्स के रीसाइक्लिंग पर दिया जोर
CSU Cleanliness Drive: केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी के मार्गदर्शन तथा प्रो. मदन मोहन झा, अधिष्ठाता, छात्र कल्याण की अध्यक्षता में सीएसयू के सभी परिसरों महाविद्यालयों तथा शोध संस्थानों के अधिकारियों, कर्मयोगियों तथा छात्र छात्राओं ने ऑन लाइन भारत सरकार के राष्ट्र व्यापी योजना 2024 'स्वच्छता ही सेवा 4.0 के अन्तर्गत भाग लिया, जिसमें निष्पादित कार्य की जानकारी ली गयी और अगली तैयारी पर चर्चा की गयी। प्रो. झा ने इस स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान के उद्बोधन में कचरों तथा स्क्रैप्स को रीसाइक्लिंग करने की प्रक्रिया पर बल दिया।
प्रो झा ने आगे स्पष्ट कहा कि यह कार्यक्रम मात्र परिसर से ही नहीं जुड़ा है, अपितु आस पास के उपेक्षित 'डार्क एरिया ' पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, क्योंकि स्वच्छता एक सामाजिकोन्मेषी कार्य है और एक दूसरे के सहयोग तथा सहभागिता से ही इस अभियान को समग्रता मिल सकती है।

प्रो. झा ने कचरों/स्क्रैप्स को रीसाइक्लिंग के माध्यम से उसको समुचित स्थान पर रखने का सुझाव दिया, ताकि पर्यावरण प्रदूषण से बचा जा सके और उससे संस्था तथा छात्र छात्राओं के हित में अर्थोपार्जन की भी व्यवस्था हो। उनका यह भी मानना था कि छात्र छात्राएं बहुत ही अधिक समय तक अपने कक्षाओं में ही समय बिताते हैं। अतः उनके स्वास्थ्य तथा स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। इस दृष्टि से पुस्तकालय भी बहुत ही महत्त्वपूर्ण केन्द्र है।
प्रो. मधुकेश्वर भट, निदेशक, (योजनाएं) तथा कुलपति के विशेष कार्याधिकारी ने कहा है कि माननीय कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी का विचार है कि इस अभियान से जुड़े कचरे से उपार्जित कुछ राशि को सर्वोत्कृष्ट सफाई कर्मचारी को पुरस्कृत करने की दिशा में भी समिति गठित कर के उन से सुझाव लिया जा सकता है।
डॉ. अजय कुमार मिश्रा, संयोजक मीडिया प्रकोष्ठ ने कहा कि सीएसयू की ज्ञान शाखाएं देश भर विद्यमान हैं। अतः अपने ज्ञान ज्योति के साथ साथ अपने श्रमदान से भी स्वच्छ तथा स्वस्थ अभियान से विकसित भारत 2047 में अपना विशेष सहयोग देकर देश के सोशल मीडिया के आकर्षण का केन्द्र बनें क्योंकि किसी लोक अभियान को जन जागृत करने में विविध मीडिया महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है।
डॉ. मिश्रा ने यह भी कहा कि वस्तुत: यह राष्ट्रीय अभियान पर्यावरण संतुलन की भावना को भी संवर्धित करता है । इसलिए इसका दूरगामी महत्त्व और बढ गया है। इस अभियान के नोडल अधिकारी श्री रोहतास सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन और डा विजय दाधीच, असिस्टेंट प्रोफेसर ने मंच संचालन किया।












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