छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन शराब बिक्री पर भाजपा ने उठाया सवाल तो कांग्रेस ने किया पलटवार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आन लाइन शराब डिलिवरी की व्यवस्था के संबंध में भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने पूछा है कि क्या भाजपा के लोग प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी जैसी व्यवस्था चाहते हैं, जहां कोरोना के खतरों की परवाह न करते हुए दुकान खोलकर शराब बेची जा रही है?

कांग्रेस ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के दौरान शराब की अनुपलब्धता के कारण वे लोग आत्मघाती कदम उठाने लगे थे, जिन्हें शराब की लत लग चुकी है। सैनेटाइजर जैसी चीजों का प्रयोग नशे के लिए किया जाने लगा था, जिससे बडी संख्या में मौतें हो रही थीं। छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में है, जहां बडी संख्या में लोगों को शराब की लत लग चुकी है और यह अपराध भी भाजपा और उसके तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के सर पर है। भाजपा के कार्यकाल में ही शराब की खपत बढी।
कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार की नीति शराब को क्रमशः प्रचलन से बाहर करते हुए, लोगों को इसकी लत से मुक्ति दिलाने की है। इसकी लत भी एक गंभीर बीमारी है, इसके बीमार लोगों को खतरे में नहीं झोका जा सकता। शराब की आनलाइन बिक्री की व्यवस्था ऐसे ही लोगों तक सीमित मात्रा में शराब उपलब्ध कराने के लिए की गई है, ताकि उन्हें आत्मघाती कदम उठाने से रोका जा सके। इस व्यवस्था के तहत कोविड नियमों का पालन करते हुए शराब की आपूर्ति की जा रही है।
पार्टी ने कहा है कि प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बकायदा आदेश जारी करवा कर शराब दुकानें खोली गईं, जबकि उस क्षेत्र में कोरोना के हालात भयावह हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को इस पर भी कुछ कहना चाहिए, लेकिन उन्होंने चुप्पी साध रखी है। न सिर्फ वाराणसी, बल्कि पूरे उत्तरप्रदेश में शराब और बीयर की जमकर बिक्री हो रही है। नोएडा-गाजियाबाद की शराब दुकानों में लोगों की किस कदर भीड़ लग रही है, इसकी तस्वीरें रोज मीडिया में आ रहीं हैं। कर्नाटक में भी शराब की रिकार्ड तोड़ बिक्री हो रही है।












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