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BPR&D ने किया CCTV निगरानी हैकथॉन 2.0 का आयोजन, नवाचार को मजबूत करने की ओर कदम

नई दिल्ली में हाल ही में CCTV निगरानी, सुरक्षा और फोरेंसिक हैकथॉन 2.0 का भव्य आयोजन हुआ, जिसे पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और साइबरपीस फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया। यह हैकथॉन दो दिनों तक चला और इसमें देशभर की शिक्षा और उद्योग जगत की 768 टीमों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए स्वदेशी, सुरक्षित, किफायती और मापनीय निगरानी समाधान तैयार करना है। हैकथॉन में एआई-सक्षम निगरानी, साइबर सुरक्षा, किफायती मॉडल और स्वदेशी हार्डवेयर समाधानों पर नवाचार प्रस्तुत किए गए।

कार्यक्रम ने महिलाओं की भागीदारी को भी प्रमुखता दी और समावेशिता का संदेश दिया। फाइनलिस्ट टीमों ने निर्णायक मंडल के सामने अपने नवाचारी समाधानों का डेमो दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि युवा प्रतिभाओं के पास कानून प्रवर्तन और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की अपार क्षमता है। इस आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि भारत को आयातित निगरानी प्रणालियों पर निर्भरता कम करने, स्वदेशी एआई-संचालित तकनीकों को बढ़ावा देने और सुरक्षा, गोपनीयता और नैतिकता के उच्च मानक अपनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

BPR amp amp D

कार्यक्रम का उद्देश्य

हैकथॉन का मुख्य उद्देश्य भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए स्वदेशी, सुरक्षित, मापनीय और किफायती सीसीटीवी समाधानों के विकास को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में शिक्षा जगत और उद्योग विशेषज्ञ भी शामिल हुए और उन्होंने तकनीकी नवाचार और सुरक्षा समाधानों पर विचार साझा किए।
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बड़ी भागीदारी और समावेशिता

इस हैकथॉन में कुल 768 टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 739 शिक्षा जगत से और 29 उद्योग जगत से थीं। कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी पर भी जोर दिया गया। हैकथॉन में चार मुख्य क्षेत्रों में नवाचार प्रदर्शित किए गए:

  • एआई-सक्षम निगरानी
  • निगरानी नेटवर्क की साइबर सुरक्षा
  • किफायती मॉडल
  • स्वदेशी हार्डवेयर समाधान

फाइनलिस्ट टीमों की प्रस्तुति

कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 10 फाइनलिस्ट टीमों ने निर्णायक मंडल के सामने डेमो और प्रश्नोत्तर सत्रों में अपने समाधान प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों में डिजिटल साक्ष्य और फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए युवा नवप्रवर्तकों की अपार क्षमता देखने को मिली।

विशेषज्ञों का संदेश

बीपीआरएंडडी के महानिदेशक आलोक रंजन ने कहा कि हैकथॉन पुलिसिंग में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ तकनीक और अग्रिम पंक्ति के प्रवर्तन के बीच की खाई को पाटने का प्रयास है।

अपर महानिदेशक रवि जोसेफ लोक्कू ने कहा कि युवा प्रतिभाएं उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। वहीं, साइबरपीस फाउंडेशन के संस्थापक मेजर विनीत कुमार ने घरेलू और स्मार्ट तकनीकों के निर्माण के महत्व पर जोर दिया।

विजेता टीमों का सम्मान

हैकथॉन के अंत में विजेता टीमों - मनु श्री, श्लोक रावत और वैशाल मालू - को शीर्ष तीन पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा तीन सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए। उनके समाधानों ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बना दिया।

स्वदेशी और सुरक्षित तकनीक का महत्व

इस पहल के तहत आयातित निगरानी प्रणालियों पर भारत की निर्भरता कम करने और स्वदेशी, एआई-संचालित और सुरक्षित विकल्पों को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कानून प्रवर्तन के लिए निगरानी तकनीक में साइबर सुरक्षा, गोपनीयता और नैतिक सुरक्षा का पालन करना जरूरी है।
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