36 हजार मामलों की सुनवाई करेगा नेशनल लोक अदालत
बिलासपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) दिल्ली के निर्देशानुसार देशभर में 10 जुलाई को वर्ष 2021 की पहली लोक अदालत आयोजित की जाएगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर हाई कोर्ट में आयोजित इस लोक अदालत मेें 36 हजार प्रकरणों की सुनवाई होगी। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही सभी अधीनस्थ न्यायालयों में भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी लोक अदालत आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसमें राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सुलह समझौता से निराकृत किया जाएगा। लोक अदालत में पक्षकार अपने निकटस्थ के व्यवहार न्यायालय, जिला न्यायालय या विधिक सेवा संस्थान से संपर्क कर अपने प्रकरणों निराकरण करा सकते हैं। हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष प्रशांत मिश्रा के निर्देशानुसार मजिस्ट्रेट को स्पेशल सीटिंग का अधिकार दिया गया है।
इसके चलते मजिस्ट्रेट अपनी शक्तियों का प्रयोग कर राजीनामा के अतिरिक्त छोटे मामलों में स्वीकृति के आधार पर मामले को निराकृत कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त विशेष प्रकरणों जैसे धारा दंड प्रक्रिया संहिता 321, 258, एवं सहित अन्य प्रकरणों को भी रखा जाकर निराकृत किया जाएगा। इसके साथ ही कोरोना काल में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत दर्ज प्रकरणों का भी निराकरण किया जाएगा।
लोक अदालत में फैमिली कोर्ट, स्थायी लोक अदालत, श्रम न्यायालयों के प्रकरण, बैंक वसूली, बिजली, पानी, श्रम न्यायालय, मोटर दुर्घटना के प्रकरण, वैवाहिक मामले, धारा 138 चेक बाउंस मामले, समस्त सिविल मामले जो न्यायालय में लंबित है। इसके अलावा ऐसे मामले जो न्यायालय में अभी पेश नहीं हुए हैं ( प्री-लिटिगेशन) को निराकृत किया जाएगा। इसी तरह पक्षकारों के मध्य लोक अदालत की तिथि के पूर्व प्री-सिटिंग के माध्यम से भी प्रकरणों को निराकृत किए जाएंगे। प्रकरणों की सुनवाई के लिए तीन सौ 22 खंडपीठों का गठन भी किया गया है।












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