Poila Boishak 2022: आज है बंगाली नव वर्ष, जानें इसका इतिहास और कैसे मनाते हैं ये दिन

Poila Boishak 2022: आज है बंगाली नव वर्ष, जानें इसका इतिहास और कैसे मनाते हैं ये दिन

नई दिल्ली, 15 अप्रैल: बैशाख महीने का पहला दिन यानी पोहेला बोइशाख, जिसे बंगाली नव वर्ष या नोबो बोर्सो के रूप में भी जाना जाता है। आज का दिन बंगाली समुदाय के लिए नया साल जैसा होता है। बंगाली सौर कैलेंडर के बैशाख के शुरुआती महीने के पहले दिन को चिह्नित करता है। यह बंगाली समुदाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इसे पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। बांग्लादेश में ''पोहेला बोइशाख'' के दिन राष्ट्रीय अवकाश भी होता है। इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, मंदिरों में जाते हैं, स्वादिष्ट व्यंजन खाते हैं और अपने प्रियजनों के साथ समय बिताते हैं।

Recommended Video

    Pohela Boishakh 2022: आज से बंगाली नव वर्ष, महिलाओं ने किया डांस | वनइंडिया हिंदी
    Poila Boishakh

    शुभो नबो बरसो कहकर देते हैं बधाई

    बंगाली इस दिन एक दूसरे को शुभो नबो बरसो कहकर बधाई देते हैं, जिसका अर्थ है 'हैप्पी न्यू ईयर'। इस खुशी के अवसर को मनाने के लिए पूरे पश्चिम बंगाल में कई मेलों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। दिलचस्प बात यह है कि पोहेला बोइशाख पंजाब में बैसाखी, केरल में विशु, तमिलनाडु में पुथांडु और असम में बिहू जैसे अन्य क्षेत्रीय त्योहारों से मिलता-जुलता है।

    पोहेला बोइशाख 2022 की तारीख

    इस वर्ष पोहेला बोइशाख 1429 शुक्रवार यानी 15 अप्रैल को मनाया जा रहा है। द्रिक पंचांग के अनुसार, पोहेला बोइशाख पर संक्रांति मुहूर्त 14 अप्रैल को सुबह 8 बजकर 56 मिनट से शुरू हुआ है।

    जानें पोहेला बोइशाख का इतिहास और महत्व?

    बंगाली कैलेंडर की शुरुआत बोइशाख या बैसाख से होती है। चूंकि यह फसल के मौसम के लिए अच्छा है, इसलिए बंगाली नव वर्ष का नाम पोहेला बोइशाख है। द्रिक पंचांग के अनुसार, प्राचीन बंगाल के राजा शोशंगको को बंगाली युग की शुरुआत करने का श्रेय दिया जाता है। बंगाली युग का प्रारंभिक बिंदु ग्रेगोरियन कैलेंडर में 594 में होने का अनुमान है।

    पोहेला बोइशाख के शुभ अवसर पर लोग अच्छी फसल के लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं। यह वाणिज्य के लिए एक महत्वपूर्ण दिन का भी प्रतीक है क्योंकि व्यापारी नए लेखा वर्ष की शुरुआत हाल खाता नामक नई खाता बही खोलकर करते हैं।

    कैसे मनाते हैं पोहेला बोइशाख का त्योहार

    पोहेला बोइशाख का त्योहार बंगाली समुदाय के लोग अपने प्रियजनों के साथ समय बिताकर, मेलों में जाकर, अपने घरों की सफाई करके और नए कपड़े पहनकर मनाते हैं। लोग अपने घरों को अलपोना (रंगोली) नामक पारंपरिक डिजाइनों से भी सजाते हैं। नए साल का स्वागत करने के लिए इलिश माच, धोकर दालना, चावल, मिठाई और चना दाल सहित कई व्यंजन तैयार किए जाते हैं।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+