World Cup 2023: शुरु हुआ क्रिकेट का महाकुंभ, भारत के लिए क्या हैं संभावनाएं?
World Cup 2023: आज से शुरू हो रहे क्रिकेट विश्वकप 2023 की मेजबानी के लिए भारत पूरी तरह तैयार है। 46 दिन चलने वाले विश्व क्रिकेट के महाकुंभ में शामिल होने के लिए 10 टीमें भारत पहुंच चुकी हैं जिनके 48 मैचों का आनंद लेने के लिए दुनिया भर के क्रिकेट दीवाने भी भारत आ चुके हैं। दावा किया जा रहा है कि दुनियाभर के 2 अरब से ज्यादा दर्शक इस क्रिकेट विश्वकप का आनंद लेंगे।
हर चार साल पर होने वाले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विश्वकप की शुरूआत आज अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में इंग्लैड और न्यूजीलैंड के बीच मैच के साथ होगी। 19 नवंबर को होने वाला क्रिकेट विश्वकप का फाइनल भी इसी नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा जहां आज पहला मुकाबला हो रहा है। भारत और पाकिस्तान के बीच 14 अक्टूबर को होने वाला बहुप्रतीक्षित मैच भी इसी मैदान पर खेला जाएगा। सेमीफाइनल से पहले हर टीम के 9 मुकाबले होंगे। 15 और 16 नवंबर को सेमीफाइनल तथा 19 नवंबर को फाइनल मुकाबला होगा।

इस बार भारत विश्वकप जीतने का प्रबल दावेदार है। 1983 मे कपिल देव की टीम को मिली अविस्मरणीय जीत भारतीय क्रिकेट में इस कदर स्थापित हो गई है कि हर विश्व कप के समय 1983 की रोमांचक जीत की यादें ताजा हो जाती हैं। 1983 में विश्वकप जीत को दोहराने के लिए भारत के क्रिकेट के दीवानों को 28 साल इंतजार करना पड़ा जब 2011 में महेन्द्र सिंह धोनी के नेतृत्व में भारत ने दूसरी बार विश्वकप को अपने नाम किया। 2023 का विश्वकप फिर से भारत के नाम होने की पूरी संभावना है।
फिलहाल भारतीय क्रिकेट टीम खिलाडियों के प्रदर्शन और अनुभव का एक अच्छा कॉम्बिनेशन है। हाल ही में एक दिवसीय क्रिेकेट में दस हजार रनों के शिखर पर पहुंचने वाले रोहित शर्मा टीम की कमान संभाल रहे हैं, वहीं उन्हें ओपनिंग में साथ देने वाले 24 वर्षीय युवा होनहार शुभमन गिल भी हैं, जिनके पास अच्छी शुरूआत को बड़ी पारी में बदलने की क्षमता और हुनर दोनों हैं।
इस कैंलेडर साल में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भी शुभमन गिल ही रहे हैं। शुभमन गिल के पास मैदानी स्थिति को भांपकर अपने खेल को उसके हिसाब से तुंरत बदल लेने की अद्भुत क्षमता है। वहीं विराट कोहली शारीरिक दमखम, कभी हार न मानने वाले और आलोचकों को सही समय पर जवाब देने वाले रवैये को अलग ही स्तर पर ले जाकर भारतीय क्रिेकेट की किवंदती बन चुके हैं। विराट कोहली का संभवत: यह आखिरी वर्ल्डकप होगा।
रोहित, गिल और विराट के कंधो पर ठोस शुरूआत करने की अहम जिम्मेदारी होगी, वहीं श्रेयस अय्यर और लोकेश राहुल पर ठोस शुरूआत को आगे ले जाकर एक बड़े स्कोर में तब्दील करने की जिम्मेदारी रहेगी। भारतीय बल्लेबाजों के स्कोर को डिफेंड करने की भूमिका तेज बांउसर और सटीक यार्कर फेंकने वाले जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव से निकले मोहम्मद शमी के साथ साथ कक्षा नौ में क्रिकेट के लिए पढ़ाई छोड़ देने वाले आल राउंडर हार्दिक पांड्या के कंधों पर होगी।
स्पिनर कुलदीप यादव और आर अश्विन को भी अपनी फिरकी से न्याय करना होगा। अक्षर पटेल के चोटिल होने से टीम में 37 वर्षीय अश्विन की वापसी हुई है। लंबे समय से टीम से बाहर रहे अश्विन को बताना होगा कि उनकी फिरकी में अभी भी धार है और उनको बुलाना टीम के लिए फायदे का सौदा रहा। भरतीय टीम भले ही संतुलित दिख रही हो, लेकिन आलराउंडरों की कमी भी भारतीय टीम का कमजोर पहलू है। 2011 में भारत को विश्वकप दिलवाने में आल राउंडर खिलाड़ियों की बड़ी भूमिका रही थी।
विश्वकप में शामिल होनेवाली 10 टीमों में से 5 टीमें ऐसी हैं, जिसमें से कोई भी विश्वकप को अपने नाम करने का माद्दा रखती हैं। भारत के अलावा पिछला चैंपियन इंग्लैड, वर्ल्डकप की सफल टीम आस्ट्रेलिया के अलावा पाकिस्तान और न्यूजीलैंड भी चमत्कार करके सबको चौका सकते हैं। इस विश्वकप में सभी टीमें इस भरोसे से उतरेंगी कि वह विश्वविजेता बन सकती हैं। भारत, आस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और इंग्लैड जैसी टीमें हारे हुए मैच को अपनी झोली में डालने वाले खिलाडियों से भरी हुई हैं। दिलेर अफगानिस्तान भी उलटफेर करने का दमखम रखता है।
जिन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर इस विश्वकप में नजर होगी उसमें इंग्लैड के लियाम लिविंग्स्टोन है। इस खिलाड़ी के पास मर्जी से गेंद को खेलने की क्षमता है। वो इंग्लैड के लिए उपयोगी लेग स्पिन गेदबाज भी हैं। अफगानिस्तान के राशिद खान अपनी फिरकी से किसी भी टीम को सस्ते में पवैलियन भेजने और हारे हुए मैच को जीत में बदलने का दमखम रखते हैं। श्रीलंका के कुशल मेंडिस तेज और स्पिन गेंद को शानदार ढंग से खेलते हैं। वो भी इस समय जबरदस्त फार्म में है। श्रीलंका टीम इस खिलाड़ी के प्रदर्शन पर बहुत निर्भर है। दक्षिण अफ्रीका के हेनरिक क्लासन भी ताबड़तोड बल्लेबाजी से किसी भी मैच का परिणाम बदल सकते हैं और बांग्लादेश के नजमुल हुसैन शंटो भी छुपे रुस्तम साबित हो सकते हैं।
इस मौसम में देर शाम गिरने वाली ओस की बूंदे मैच के नतीजे तय करने में टॉस को बेहद महत्वपूर्ण बना देती हैं। लेकिन इस विश्वकप में सिर्फ टॉस और शानदार प्रदर्शन ही जीत की राह प्रशस्त नहीं करेगा, क्रिकेट में किस्मत का भी बड़ा रोल होता है। क्रिकेट हर गेद पर बदलने वाला खेल है। अनिश्चितताएं क्रिकेट का अनिवार्य अंग है और ऐसी ही खूबसूरत अनिश्चितताएं क्रिकेट विश्वकप को सबसे महान खेल आयोजनोें में से एक बनाती हैं। पिछले विश्वकप के फाइनल को जरा याद कीजिए। इंग्लैड और न्यूजीलैड का पिछले विश्वकप फाइनल मेें स्कोर बराबर था, पर सुपरओवर के बाद इंग्लैड इसलिए विश्वविजेता बन गया क्योंकि उसने ज्यादा चौके छक्के मारे थे। पिछले विश्वकप का फाइनल एक अजीब से बाउंड्री काउंट बैक नियम के आधार पर जीता गया था।
अब सवाल यह है कि क्या 19 नवंबर 2023 भारतीय क्रिकेट में उतना ही ऐतिहासिक दिन होगा जितना 25 जून 1983 और 2 अप्रैल 2011 का दिन था, जब भारत ने विश्वकप जीता था? क्या भारतीय क्रिकेट टीम के नाम 19 नवंबर 2023 को एक और गौरवशाली अध्याय लिखा जाएगा जो क्रिकेट प्रेमियों के साथ साथ क्रिकेट की भावी पीढ़ियों को इन यादगार कामयाबियों को दोहराने के लिए प्रेरित करेगा?
भारत के घर-घर में देखे जाने वाला और गली गली में खेले जाने वाले क्रिकेट के विश्वकप का आंकड़ा भारत के क्रिकेट प्रेमियों को सुकून देने वाला है। आंकड़े गवाह हैं कि पिछले तीन विश्वकप मेजबान देशों ने जीते हैं और हम उम्मीद कर सकते हैं कि भारत की जीत देश के क्रिकेट प्रेमियों के उत्साह और उमंग में चार चांद लगा देगी। फिलहाल, क्रिकेट का महाकुंभ शुरू हो चुका है इसका आनंद लीजिए और भारतीय टीम का हौसला बढ़ाइये।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












Click it and Unblock the Notifications