Bollywood: रीमेक और सिक्वल पर क्यों निर्भर है बॉलीवुड?

Bollywood: इसी हफ्ते दो ऐसी फिल्में सुपरहिट गई हैं, जो सीक्वल कही जा रही हैं। एक 'गदर' का तो दूसरा 'ओह माई गॉड' का। यूं इनकी मूल फिल्में भी कहीं ना कहीं से प्रभावित थीं, 'गदर' बूटा सिंह की असली कहानी से थी, जिस पर तमाम नाटक, कहानियां लिखी जा चुकी हैं, तो 'ओह माई गॉड' गुजराती के एक मशहूर गुजराती नाटक 'कांजी विरुद्ध कांजी' पर बना था और वो नाटक भी बिनी कोनोली की मूवी 'द मेन हू सूड गॉड' से प्रेरित था।

इस साल आईं 'पठान' हृतिक रोशन की 'क्रिश' जैसी थी। 'आदिपुरुष' का ट्रीटमेंट जरूर नया सोचा गया था, लेकिन कहानी तो कतई नई नहीं थी। 'केरला स्टोरी' जरूर एक अलग किस्म की मूवी थी। 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' में दो फॉर्मूलों को मिला दिया गया, वरना राजेश खन्ना की 'बावर्ची' में और फिर गोविंदा की रीमेक हीरो नं1 में लड़का तो लड़की के घर रहा ही, हां बिना बताए। अजय देवगन की 'भोला' तो 2019 की तमिल मूवी 'कैथी' का आधिकारिक रीमेक थी ही। जबकि सलमान की फिल्म 'किसी का भाई किसी की जान' 2014 की तमिल फिल्म 'वीरम' का रीमेक थी।

Why is Bollywood dependent on remakes and sequels?

सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'मिशन मजनूं' के निर्माता उसे सिनेमा हॉल्स में रिलीज करने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाए, नेटफ्लिक्स पर ही रह गई। ये उसी कड़ी की मूवी थी, जिसमें रॉ के जासूस रवीन्द्र कौशिक का बिना नाम लिए कई फिल्में बनाई गई हैं। हाल के वर्षों में उसकी जिंदगी पर जॉन अब्राहम की 'रोमियो अकबर वॉल्टर यानी RAW' और सलमान खान की 'एक था टाइगर' बनी थीं।

अक्षय कुमार और इमरान हाशमी की एक मूवी भी साथ साथ इस साल आई, मूवी का नाम था 'सेल्फी'। ये भी 2019 की मलयालम फिल्म 'ड्राइविंग लाइसेंस' का रीमेक थी। इसी तरह कोरियाई फिल्म 'ब्लाइंड' को इसी नाम से सुजॉय घोष ने सोनम कपूर को लीड रोल में लेकर बनाया गया, नहीं चली। बिना सीसीटीवी के इन्वेस्टीगेशन किसी को जंची नहीं। यानी ये भी गारंटी नहीं कि रीमेक फिल्म चलेगी ही, फिर भी बनाए जा रहे हैं।

लेकिन कई फिल्में जानबूझकर फ्लॉप करने के लिए ही बनाई जाती हैं, शायद मुद्दा खत्म करने के लिए। 'अजमेर 92' भी ऐसी ही मूवी थी, जिसको मीडिया में प्रचारित नही किया गया, प्रेस शो तक नहीं किया गया। ऐसे लगा इतने बड़े विवादित विषय पर फिल्म तो बना ली, लेकिन विवाद नहीं करना चाहते थे, परिणाम ये हुआ कि फिल्म ने पानी भी नहीं मांगा। इसी तरह इस साल आई वरुण धवन, जाह्नवी कपूर की मूवी 'बवाल', कायदे से बनाई गई थी, थोड़ा नया सोचा गया था लेकिन दूसरे विश्व युद्ध की कहानियों को इतना ज्यादा सीरियस ले लिया गया कि लोगों का मजा खराब हो गया।

ऐसे में इस साल जो बाकी फिल्में आ रही हैं या जिनका ऐलान हुआ है, उनसे लगता है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के पास आइडियाज का वाकई में अकाल है। हमेशा की तरह या सीक्वल के विकल्प हैं या फिर रीमेक के या कोई बहुचर्चित हालिया घटना पर फिल्म बनाने का। अगले महीने ही विवेक अग्निहोत्री की 'वैक्सीन वॉर' इसी कैटगरी की मूवी है। माना जा रहा है कि कोरोना काल के दौरान वैक्सीन को लेकर छिड़ी राजनैतिक महाभारत पर ये मूवी बनाई जा रही है। लेकिन उससे पहले ही सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है, आयुष्मान खुराना की 'ड्रीमगर्ल 2'। 'ड्रीमगर्ल' चली तो लगा कि आयुष्मान खुराना का लड़की रूप आगे भी भुनाया जा सकता है। 25 अगस्त को रिलीज होने जा रही इस मूवी में अनन्या पांडेय हीरोइन होंगी।

हालांकि शाहरुख अपनी 7 सितम्बर को रिलीज होने वाली अपनी मूवी 'जवान' की कहानी छुपाकर चल रहे हैं, लेकिन एक लाइन की कहानी बाहर आई है। वो यह कि एक कमांडो विक्रम महिलाओं की मदद से अपराधियों को पकड़ता है। साउथ के एटली इसके निर्देशक हैं। इसके लिए एक गाने में शाहरुख के साथ 1000 लड़कियां ली गई हैं लेकिन जिन लोगों ने महेश बाबू की 'स्पाइडर' देखी होगी, उनको ये आइडिया अगर यही हुआ तो बासी लग सकता है। सलमान भी 'वीरम' के रीमेक से फायदा नहीं ले पाए तो अब 'टाइगर' के तीसरे सीक्वल का ही इंतजार कर रहे हैं जो 10 नवम्बर को रिलीज हो सकती है।

लेकिन असली लड़ाई तो काल्पनिक आइडियाज की है, जो ना के बराबर फिल्मों में देखने में आ रहे हैं। फरहान अख्तर को कोई और आइडिया नहीं मिला तो वो अपनी पुरानी सीरीज 'डॉन' को फिर से नई करने जा रहे हैं और इस बार ना अमिताभ होंगे ना शाहरुख बल्कि डॉन के तौर पर रणवीर सिंह होंगे। अभी एक छोटा सा टीजर उन्होंने जो लांच किया, उसको लेकर शाहरुख खान के फैन्स ने काफी नाराजगी सोशल मीडिया पर जताई है। शाहरुख ने भी अपनी दोस्त दीपिका के पति के इस टीजर पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से परहेज किया।

लेकिन तमाम सीक्वल अभी बाजार में चर्चा में हैं, जिन पर बाकायदा काम शुरू हो गया है. 'फुकरे 3' की शूटिंग भी लगभग खत्म हो चुकी है, एक दिसम्बर को इसी साल ये मूवी रिलीज होगी। भले ही अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ की मूवी का नाम 'छोटे मियां बड़े मियां' है, लेकिन उसका दूर दूर तक अमिताभ बच्चन या गोविंदा की कहानी से कोई लेना देना नहीं है। एकता कपूर की कम्पनी ने भी अपनी बहुचर्चित मूवी 'लव, सैक्स एंड धोखा यानी एलएसडी' के सीक्वल 'एलएसडी2' का ऐलान कर दिया है।

चर्चित कॉमेडी सीरीज 'वेलकम' के पार्ट 3 का भी ऐलान कर दिया है, इस बार स्टोरी जंगल में फिल्माई जाएगी। नाम ही रखा गया है 'वेलकम टू द जंगल'। इस बार इसमें अक्षय कुमार के साथ साथ संजय दत्त और अरशद वारसी होंगे। 'जॉली एलएलबी' का भी तीसरा सीक्वल तय हो गया है। इस बार इसमें अक्षय और अरशद एक साथ होंगे। शूटिंग जनवरी में शुरू होगी। अक्षय की एक और पुरानी सीरीज का सीक्वल आ रहा है और वो है 'हेरा फेरी सीरीज' का 'हेरा फेरी 3'। हालांकि इस बार इसे अनीस बज्मी की बजाय फरहाद सामजी निर्देशित करेंगे और प्रोडयूसर सलमान खान होंगे। सलमान भी हिट सीरीज पर ही पैसा लगाने के मूड में हैं। प्रोमो शूट के लिए अक्षय ने पहली 'हेराफेरी' वाली 20 साल पुरानी शर्ट का ही इस्तेमाल किया।

'सर्कस' बुरी तरह पिटने के बाद अब रोहित शेट्टी को भी अपनी पुरानी हिट सीरीज का भरोसा है, सो 'सिंघम अगेन' का ऐलान हो गया है। माना जा रहा है कि इस बार इसमें दीपिका पादुकोण होंगी और 'गोलमाल 5' के लिए रणवीर सिंह को लेने की बात चर्चा में आ रही है। रजनीकांत की 'जेलर' सुपरहिट जाने के एक हफ्ते के अंदर ही 'जेलर 2' का ऐलान हो गया है। इस बार इसमें रजनीकांत के साथ थलापति विजय को भी लिया जाएगा।

अब एक और नया ट्रेड 'गदर' ने सेट कर दिया है। दशकों पुरानी मूवी का भी सीक्वल बनाकर हिट करवाया जा सकता है। शेखर कपूर ने अपनी चर्चित फिल्म 'मासूम' का सीक्वल ऐलान कर दिया है। सुनने में आ रहा है कि सुभाष घई ने भी अपनी पुरानी हिट फिल्मों के राइट्स बेचे हैं, ताकि उनके रीमेक बन सकें।

कहानियों का टोटा कहा जाए या नयी कहानियों पर जोखिम लेने का जज्बा, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री इस मामले में पिछड़ रही है और इसीलिए रीमेक, सीक्वल्स या चर्चित घटनाओं पर फिल्मों का सहारा ले रही है। ऐसा लगता है कि दर्शकों को आज भी उन्हीं फिल्मों पर भरोसा है, जो किसी मशहूर मूवी का सीक्वल हैं या फिर रीमेक। नए आइडियाज की हिम्मत या तो निर्माता निर्देशक जुटा नहीं पा रहे, या फिर वो कामयाब नहीं हो पा रहे।

(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

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