Cryptocurrency: क्रिप्टो करंसी के भंवर में फंसा अमेरिका
Cryptocurrency: अमेरिकी बाजार पर इन दिनों ग्रहण लगा हुआ है। बैंक और शेयर बाजार में आए एक बड़े भूचाल से अमेरिका संभला ही था कि अब क्रिप्टो संकट में फंस गया है। इन दिनों अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) एक साथ कई मामलों की जांच कर रहा है, जिनमें पिछले हफ्ते क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस और कॉइन बेस के जरिए 4 अरब डॉलर निकाल ले जाने की भी जांच शामिल है। इस गड़बडी की जद में अमेरिका की कई वेंचर कैपिटल फर्म भी आ सकती हैं जैसे कि सिलिकॉन वैली बैंक कुछ महीने पहले आया था और यह बैंक दिवालिया होने के बाद बिक गया था।
आशंका व्यक्त की जा रही है कि क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस कहीं उसी दशा को तो प्राप्त नहीं हो जाएगा, जिस दशा में अमेरिका का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेज एफटीएक्स पहुंच गया था। 11 नवंबर, 2022 को एफटीएक्स ने अचानक दिवालियापन के लिए अपील दायर कर दी थी। एक अमेरिकी एजेंसी के अनुसार एफटीएक्स में निवेशकों के 9 अरब डॉलर डूब गए थे। बाद में एफटीएक्स के पूर्व संस्थापक और सीईओ सैम बैंकमैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बाइनेंस भी क्रिप्टो एक्सचेंज ही है और एसईसी की जांच के बाद से इस एक्सचेंज के जरिए अभी तक 4 अरब डॉलर निकाले जा चुके हैं।

अमेरिकी क्रिप्टो बाजार में घोटाले का धुंआ जब-जब उठता है पूरी दुनिया के निवेशकों के हाथ जल जाते हैं। कारण बिटकॉइन, इथीरियम और कुछ अन्य क्रिप्टो में भारत समेत पूरी दुनिया का पैसा लगा है और उनके धराशायी होने का मतलब पूरी दुनिया की पूंजी डूबना हो सकता है।
अमेरिकी बैंकों में पहले से ही न केवल ठहराव का भय व्याप्त है, बल्कि बैंकिंग क्षेत्र में गिरावट ही देखी जा रही है। ऐसे में अमेरिकी निवेशकों को क्रिप्टो बाजार से एक उम्मीद बंधी थी पर वहां भी लगातार घोटालों की खबर से निवेशकों का विश्वास डोल गया है। एफटीएक्स के दिवालियापन और बाइनेंस के साथ नए विवाद ने ना केवल बाजार में भारी बिकवाली शुरू कर दी है, बल्कि क्रिप्टो बाजार से तरलता भी कम कर दी है। 6 जून को बिटकॉइन में 4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
दरअसल पूरा क्रिप्टो बाजार ही मैन्यूपुलेशन का खेल बन गया है और इसमें बड़े बड़े खिलाड़ी शामिल हैं। हाल ही में अमेरिकी नेशनल फुटबॉल लीग मिनेसोटा वाइकिंग्स के पूर्व सह स्वामी रेजिनाल्ड फाउलर को छह साल से अधिक की जेल की सजा सुनाई गई और अमेरिकी अदालत द्वारा उनके 740 मिलियन डॉलर जब्त करने का आदेश दिया गया। क्रिप्टो की दुनिया में संभवत फाउलर पहले ऐसे व्यक्ति होंगे जिन्हें क्रिप्टो घोटाले का दोषी मानकर इतनी बड़ी सजा दी गई है। फाउलर पर क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंजों के जरिए मनी-लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है। फाउलर क्रिप्टो घोटाले में शामिल अकेले प्रमुख व्यक्ति नहीं है। बल्कि हर चौथी करेंसी के साथ किसी न किसी घोटालेबाज का नाम जुड़ा हुआ है।
फाउलर से पहले टेसला के सीईओ एलोन मस्क के खिलाफ भी क्रिप्टो बाजार में हेरफेर का मुकदमा दायर किया जा चुका है। उन पर इनसाइडर ट्रेडिंग और लोकप्रिय मीम क्रिप्टोकरेंसी डॉजकॉइन के बाजार में हेरफेर का आरोप है। मस्क पर आरोप लगाने वालों का कहना है कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया ट्विटर का उपयोग क्रिप्टो करेंसी बाजार को मैनिपुलेट करने में किया। न्यूयॉर्क के अमेरिकी दक्षिणी जिला न्यायालय में 31 मई को दायर एक संशोधित फाइल में कहा गया है कि मस्क ने डॉजकोइन क्रिप्टोकरेंसी के लिए बाजार में बेतहाशा हेरफेर किया। मस्क ने ट्विटर पोस्ट और कमेंट के जरिए डॉजक्वाइन को बढ़ावा दिया और कीमतों में उतार-चढ़ाव से जबर्दस्त मुनाफा कमाया, जबकि खुदरा निवेशकों को भारी नुकसान हुआ।
क्रिप्टो बाजार में हेराफेरी के कारण सिलिकॉन वैली बैंक 2023 में विफल होने वाला पहला ऋणदाता था, इसके बाद सिल्वरगेट बैंक और सिग्नेचर बैंक में भी क्रिप्टो के झटके आ रहे हैं। यही कारण है कि अमेरिकी एजेंसियों व नियामक ने क्रिप्टो प्लेटफार्मों की जांच तेज कर दी है।
सबको उम्मीद थी कि 2022 में धराशायी होने वाला क्रिप्टो बाजार 23 में तेजी से उपर चढ़ेगा। लेकिन उत्साह बनने से पहले ही गिरने लगा है। शेयर व अन्य प्रतिभूति बाजार का वैश्विक आकड़ा रखने वाली एजेंसी पिच के आंकड़ों के अनुसार, क्रिप्टो के लिए ग्लोबल वेंचर कैपिटल फंडिंग पिछले वर्ष की तुलना में 2023 की पहली तिमाही में 80 प्रतिशत गिरकर 12.3 बिलियन डॉलर से घटकर 2.4 बिलियन डॉलर हो गई। इस बीच, पहली तिमाही में 53 प्रतिशत की गिरावट के साथ वैश्विक आर्थिक मंदी के बीच कुल वेंचर कैपिटल की गतिविधियों में भी सिकुड़न आई है। 2023 में एक नए और सकारात्मक रुख पर क्रिप्टो करेंसी का कारोबार शुरू हुआ पर कीमतें अभी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर की तुलना में बहुत कम हैं। जैसा कि 2021 के बुल रन में देखा गया था।
यदि हम क्रिप्टो बाजार में वर्तमान स्थिति पर नजर डाले तो पाएंगे कि इसमें रोजाना लगभग 70 बिलियन डॉलर का कारोबार हो रहा है और इसका बाजार पूंजीकरण 1.11 ट्रिलियन डॉलर के बराबर है। बिटकॉइन इस समय 26,500 डॉलर के स्तर पर है तो इथेरियम 1,800 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। क्रिप्टो विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही बाजार में कोई भूचाल नहीं आया है पर रिकवरी की राह बहुत लंबी है। अधिकांश क्रिप्टो करेंसी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से बहुत पीछे हैं। बिटकॉइन नवंबर 2021 में 69,000 डॉलर पर पहुंच गया था और उससे 50 प्रतिशत नीचे है। इसी तरह इथेरियम जो अब 1,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, 2021 में 4,000 डॉलर के उच्च स्तर को छू गया था।
भारत ने भी क्रिप्टो करेंसी में हो रहे लगातार घोटाले और निवेशकों के पैसा डूबने से बचाने के लिए सख्त नियमन जारी कर रखा है। क्रिप्टो को कानूनी जामा पहनाने और इस पर ऊंचे कर लगाने के बाद से यहां निवेशकों की अंध चाल पर थोड़ा अंकुश लगा है। फिर भी भारतीयों को यह ध्यान रखना चाहिए कि क्रिप्टो की कीमतें अत्यधिक अस्थिर और सट्टेबाजी पर निर्भर हैं। रिजर्व बैंक लगातार यह प्रचार कर रहा है कि किसी भी अन्य संपत्ति वर्ग की तरह, प्रत्येक क्रिप्टोक्यूरेंसी के अपने मूल सिद्धांत होते हैं और विभिन्न ब्लॉकचेन नेटवर्क, माइनिंग तकनीकों के आकलन के आधार पर ही निवेश करें।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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