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General Bajwa Pakistan: क्या जनरल बाजवा का हाल भी मुशर्रफ जैसा होगा?

पाकिस्तान में चर्चा गर्म है कि क्या जनरल बाजवा की दुर्गति मुशर्रफ वाली होगी? क्या उन पर भी देशद्रोह का मुकदमा चलेगा? क्या उन्हें भी मुशर्रफ की तरह फांसी की सजा होगी या देशनिकाला दे दिया जाएगा?

Bajwa

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को एक चिट्ठी लिखकर कहा है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल बाजवा के खिलाफ तत्काल जांच बैठायी जाए। 14 फरवरी को लिखी चिट्ठी में इमरान खान ने जनरल कमर जावेद बावजा पर आरोप लगाया है कि सेना प्रमुख रहते हुए उन्होंने बार बार अपने पद का दुरुपयोग किया है।

इससे पहले 10 फरवरी 2023 को वॉयस आफ अमेरिका चैनल पर प्रसारित अपने साक्षात्कार में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि पीएमएल एन, पीडीएम और फौज एक तरफ खड़े हैं और दूसरी तरफ वह अकेले हैं। बकौल इमरान जनरल बाजवा ने मीडिया से बातचीत में यह स्वीकार किया है कि उन्होंने मेरी सरकार गिरवाई। इसलिए जनरल बाजवा के खिलाफ सेना आंतरिक जांच करे।

पाकिस्तान के एक प्रमुख न्यूज एंकर जावेद चौधरी ने अपने काॅलम में बाजवा के हवाले से लिखा है कि चूंकि इमरान खान और उनकी पार्टी के लोग मुल्क के लिए खतरा बन गए थे, इसलिए उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया गया। बकौल जावेद चौधरी जनरल बाजवा ने यहां तक कहा था कि इमरान खान सत्ता में रहे तो यह मुल्क नहीं बचेगा।

दूसरी तरफ जियो न्यूज से जुड़े मशहूर एंकर हामिद मीर ने 12 फरवरी 2023 को खुलासा किया कि इमरान खान अप्रैल 2022 में तब के आर्मी चीफ जनरल बाजवा को बर्खास्त कर किसी और को आर्मी चीफ बनाना चाहते थे, लेकिन 10 अप्रैल 2022 को उनकी सरकार गिर गई। मीर ने यह भी खुलासा किया कि मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पास इस बात के सबूत हैं कि जनरल बाजवा पाकिस्तान में एक बार फिर मार्शल लॉ लगाना चाहते थे। इसलिए अगर चाहे तो वह भी बाजवा के खिलाफ आर्टिकल 6 के तहत मुकदमा दायर कर सकते हैं।

पाकिस्तान में आर्टिकल 6 का मतलब है कि कोई भी शख्स यदि पाकिस्तान के संविधान का उल्लंघन करता है, या उसकी तौहीन करता है तो उसे सजा ए मौत या उम्र कैद हो सकती है। इसे मुल्क के साथ गद्दारी के रूप में भी देखा जाता है। पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार किसी जनरल के खिलाफ आर्टिकल 6 के तहत संगीन गद्दारी का मुकदमा 2013 में जनरल मुशर्रफ के खिलाफ चलाया गया था। तब मुस्लिम लीग की सरकार थी, नवाज शरीफ प्रधानमंत्री थे और उन्होंने ही सुप्रीम कोर्ट में यह मामला दायर कराया था।

इस केस की सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत का गठन किया गया। इस विशेष अदालत ने जनरल मुशर्रफ के अपने समक्ष हाजिर ना होने पर 19 जुलाई 2016 को भगोड़ा घोषित कर उनके पासपोर्ट को जब्त करने का आदेश सुना दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने जनरल मुशर्रफ का पासपोर्ट बहाल कर दिया और वह पाकिस्तान छोड़कर दुबई चले गए।

17 दिसंबर 2019 को तीन जजों की बेंच ने जनरल मुशर्रफ को संविधान को मुअत्तल करने और मुल्क के साथ संगीन गद्दारी करने के जुर्म में मौत की सजा 2ः1 की राय से सुना दी। जनरल मुशर्रफ पर यह मुकदमा 3 नवंबर 2007 को उनके द्वारा संविधान को मुअत्तल कर सुप्रीम कोर्ट के 15 और प्रोविंसियल हाईकोर्ट के 56 जजों को बर्खास्त करने और पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश को नजरबंद करने के जुर्म में चलाया गया था। इसके पहले जनरल मुशर्रफ ने 15 अक्टूबर 1999 को नवाज शरीफ की सरकार को बर्खास्त कर पाकिस्तान में मार्शल लॉ लगा दिया था।

अब यह कहा जा रहा है कि यदि चुनाव में जीत कर इमरान खान फिर से सरकार में आते हैं तो वह
जरनल बाजवा के खिलाफ संगीन गद्दारी का मुकदमा आर्टिकल 6 के तहत दायर करा सकते हैं। यह आशंका पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीएमएल एन के नेता शाहिद खक्कान अब्बासी ने जताई है।

फरवरी के दूसरे सप्ताह में पाकिस्तानी टीवी प्रोग्राम 'दूसरा रूख' से बातचीत में उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने जिस तरह का आरोप जनरल बाजवा के खिलाफ लगाया है वह संविधान के उल्लंघन का मामला बनता है। इससे लगता है कि इमरान खान यह मंसूबा बना चुके हैं कि यदि वह सत्ता में लौटते हैं तो जनरल बाजवा के खिलाफ शदीद गद्दारी का मुकदमा चलाएंगे।

इमरान खान ने पाकिस्तान में अचानक आंतकवादी घटनाओं में हुई बढ़ोतरी के लिए भी जनरल बाजवा को ही जिम्मेदार ठहराया है। खान ने एक विदेशी मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनकी सरकार चाहती थी कि 40 से 50 हजार टीटीपी के आतंकवादियों का पुनर्वास कर दिया जाए ताकि वे लोग बंदूक छोड़कर मुख्यधारा में आ जाएं, लेकिन बाजवा ने साजिश कर उनकी सरकार गिरा दी। आज जो भी पाकिस्तान में संकट उत्पन्न हुआ है उसके लिए जनरल बाजवा और उनकी आर्मी जिम्मेदार हैं।

जनरल बाजवा और जनरल मुशर्रफ के क्रियाकलापों में भी काफी समानताएं देखी जा रही हैं। कारगिल युद्ध में हार के बाद जनरल मुशर्रफ को जब आभास हुआ कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ उनको बर्खास्त करने वाले हैं तो उसी समय मुशर्रफ ने तय कर लिया था कि पाकिस्तान में मार्शल लॉ लगा देंगे।

रिटायर जनरल शाहिद अजीज ने अपनी किताब 'ये खामोशी कहां तक' में लिखा है कि जनरल मुशर्रफ ने तब के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा उन्हें बर्खास्त करने की प्रतिक्रिया में मार्शल लॉ नहीं लगाया था, बल्कि जनरल मुशर्रफ ने एक सोची समझी साजिश के तहत पहले ही पाकिस्तान में मार्शल लॉ लगाने का मंसूबा बना लिया था। जनरल शाहिद अजीज ने लिखा है कि वे खुद भी जनरल मुशर्रफ के तख्तापलट कारनामे का हिस्सा थे। जनरल शाहिद ने यह किताब 2013 में लिखी थी। उनके बारे में कहा जाता है कि 2018 में एक दिन वे अचानक गायब हो गए और तब से उनकी कोई खबर नहीं है।

पाकिस्तान मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान ने भी अप्रैल 2022 के पहले सप्ताह में जनरल बाजवा को आर्मी चीफ के ओहदे से हटाकर किसी और को आर्मी चीफ बनाने का फैसला कर लिया था। इस मामले में यहां तक रिपोर्ट छापी गई कि इमरान शासन के अंतिम दिनों में एक हेलीकाॅप्टर में सवार होकर एक जनरल प्रधानमंत्री आवास में उतरे थे और यह अटकलें लगाई गई थी कि उन्हीं जनरल को आर्मी चीफ बनाने और जनरल बाजवा को बर्खास्त करने का नोटिफिकेशन उस रात निकलने वाली थी।

इस बात को और पुख्ता करती है 9 अप्रैल 2022 को अचानक देर रात इस्लामाबाद हाईकोर्ट में दायर एक याचिका, जिसमें अदालत से अपील की गई थी कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को नये आर्मी चीफ तैनात करने और जनरल बाजवा को बर्खास्त करने संबंधी कोई भी नोटिफिकेशन जारी करने से रोका जाए। इस याचिका में तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान के अलावा सदर आरिफ अल्वी और लॉ सेक्रेटरी को भी पार्टी बनाया गया था। यह अलग बात थी कि अगले दिन ही यानी 10 अप्रैल 2022 को इमरान खान विश्वास मत हार गए और उनकी विदाई हो गई।

जनरल बाजवा रिटायरमेंट के बाद भी पाकिस्तान की लगभग सभी सियासी पार्टियों के लिए विलेन बने हुए हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी का मानना है कि जनरल बाजवा ने उनकी सरकार गिरवाई तो पीएमएल एन समेत पीडीएम के सभी जमात यह मानते हैं कि जनरल बाजवा ही थे जिन्होंने नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद से हटाकर इमरान को सत्ता में पिछले दरवाजे से बिठाया और हर मुसीबत से बचाने के लिए डंडे का जोर भी तब के विपक्ष पर दिखाया। अब देखना है कि आर्थिक और सियासी मोर्चों पर उलझा पाकिस्तान जनरल बाजवा के साथ क्या करता है।

(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

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