कौन हैं 'ठाकरे' और कहां से आया 'ठाकरे' उपनाम?
महाराष्ट्र में मराठी माणुस की राजनीति करने वाले ठाकरे परिवार के ऊपर आरोप लगता रहा है कि वे तो स्वयं बाहरी हैं। हालांकि यह आरोप राजनीतिक है और इसमें आंशिक सच्चाई भी है लेकिन यह कोई नहीं जानता कि ठाकरे उपनाम कहां से आया? जब इसकी पड़ताल की गयी तो चौंकानेवाले सत्य सामने आये और पता चला कि ठाकरे उपनाम महाराष्ट्र तो छोड़िए भारत की किसी जाति या व्यवसाय से जुड़ा नहीं है। यह यूरोप के एक ऐसे कबीले से जुड़ा हुआ है जिसमें अपने समय के आंक्रांता लोग थे।

महाराष्ट्र की राजनीति में बीते चालीस-पचास साल से ठाकरे परिवार चर्चा में है। 1970 के दशक में बाल ठाकरे ने मुंबई में शिवसेना की नींव डाली थी जो मुख्य रूप से बाहरी कामगारों के खिलाफ एक मराठी आंदोलन था। यह आंदोलन इतना मुखर हुआ कि बाल ठाकरे मराठी माणुस की पहचान बन गये। अपने चार दशक के राजनीतिक जीवन में वो मराठी माणुस की लड़ाई ही लड़ते रहे। क्या स्वयं बाल ठाकरे मराठी माणुस थे?
हां। वो मराठी माणुस ही थे। यह कहा जाता है कि उनका परिवार बिहार से मध्य प्रदेश होते हुए महाराष्ट्र पहुंचा था। लेकिन यह इतनी पुरानी बात है कि आज इसका कोई मतलब ही नहीं है। बाल ठाकरे के पिता केशव ठाकरे जिन्हें प्रबोधनकार ठाकरे के नाम से जाना जाता है वो अपनी किताब "ग्रामण्यचा सद्यांत इतिहास अर्थात नौकरशाहीचे बंदे" में लिखते हैं कि वो लोग चंद्रसेनीय कायस्थ प्रभु जाति से संबंध रखते हैं और उनका परिवार बिहार में मगध से निकलकर मध्य प्रदेश होते हुए महाराष्ट्र पहुंचा। लेकिन ये आज से 2400 साल पुरानी बात है। ठाकरे परिवार जिस चंद्रसेनीय कायस्थ जाति से संबंध रखते हैं उसने संभवत: महापद्मनंद के राज्य में यह पलायन किया था जिनका मगध में शासन आज से लगभग 2400 साल पहले था।
महाराष्ट्र में ठाकरे परिवार का जो ज्ञात इतिहास है उसमें बाल ठाकरे के पिता केशव सीताराम ठाकरे से यह परिवार चर्चा में आता है। केशव सीताराम ठाकरे या फिर प्रबोधनकार ठाकरे साहित्यकार, आंदोलनकारी और समाज सुधारक थे। यही थे जिन्होंने परिवार को "ठाकरे" उपनाम दिया। केशव का जन्म मुंबई से सटे पनवेल में हुआ था। केशव के पुरखे मराठा साम्राज्य के दिनों में धोड़प किले के किलेदार थे। इसलिए इन्हें धोड़पकर कहा जाता था। इनके परदादा कृष्णजी धोड़पकर रायगढ़ किले में रहते थे जबकि इनके दादा रामचंद्र धोड़पकर पनवेल में आकर बस गये थे। यहीं पर बाल ठाकरे के पिता केशव का जन्म हुआ।
केशव ने अपने नाम में धोड़पकर की बजाय पनवेलकर लिखना शुरू कर दिया लेकिन बाद में उन्होंने पनवेलकर की बजाय ठाकरे उपनाम लिखना शुरु कर दिया। जब वो अपने बच्चों का नाम लिखवाने स्कूल गये तो वहां उन्होंने अपने बच्चों के नाम में भी ठाकरे उपनाम लिखवाया। यहीं से ठाकरे नाम इस परिवार के साथ जुड़ गया जो आज महाराष्ट्र ही नहीं देश की राजनीति में भी अलग पहचान रखता है। तो यह ठाकरे उपनाम कहां से आया जिसे प्रबोधनकार ने अपना लिया था?
असल में केशव धोड़पकर या केशव पनवेलकर या फिर केशव "प्रबोधनकार" ठाकरे साहित्यकार थे। सामाजिक सुधार को प्रमुखता देते थे। लेखन के साथ साथ उन्होंने समाज सुधार आंदोलन भी चलाये। यह आजादी से पहले की बातें हैं। प्रबोधनकार एक ब्रिटिश उपन्यासकार विलियम मेकपीस ठाकरे से बहुत प्रभावित थे। उन्होंने ठाकरे उपनाम विलियम मेकपीस ठाकरे से ही उधार लिया था और अपने बच्चों के नाम में जोड़ दिया था। हालांकि आज पूरा कुनबा धोड़पकर उपनाम छोड़कर ठाकरे नाम को अपनी पहचान बना चुका है जो मूलत: विलियम ठाकरे से जुड़ा हुआ है।
ठाकरे उपनाम का इतिहास खंगालेंगे तो इसकी जड़े भारत से दूर यूरोप में पायेंगे। ठाकरे मूलत: फ्रांस के नार्मन लोगों का उपनाम था। ठाकरे का मूल उच्चारण ठैक-व्रे था जिसका मतलब किनारे पर रहनेवाले लोग था। यही ठैक-व्रे कालांतर में ठाकरे हो गया। किंग एडवर्ड के नेतृत्व में नार्मन लोगों ने 1066 ईस्वी में जब इंग्लैण्ड पर हमला करके कब्जा कर लिया तब फ्रांस के ठाकरे भी इंग्लैण्ड आकर बस गये। ये मुख्यरूप से यार्कशॉयर में बसे। यहीं पर विलियम ठाकरे के पूर्वजों का परिवार भी रहता था जिससे प्रभावित होकर प्रबोधनकार ठाकरे ने अपने बच्चों के नाम में ठाकरे नाम जोड़ लिया था और आज यह उनके पूरे कुनबे की पहचान बन गया है।
विलियम ठाकरे के पिता रिचमंड ठाकरे कलकत्ता में ईस्ट इंडिया कंपनी में सचिव के पद पर कार्यरत थे। विलियम का जन्म कलकत्ता में ही हुआ जबकि विलियम के दादा थॉमस ठाकरे लंदन के हॉरो स्कूल में प्रिंसिपल थे। मूलत: नार्मन लोगों से जुड़ा ठाकरे सरनेम वाले लोग आज इंग्लैण्ड के अलावा ऑस्ट्रेलिया में भी पाये जाते हैं।
यह भी पढ़ें: Shinde की शह पर महाराष्ट्र के 'बागी विधायकों' ने नारियल पानी से 'भेदा सुरक्षा घेरा' ! ऐसे भागे शिवसेना विधायक
(इस लेख में व्यक्त विचार, लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में दी गई किसी भी सूचना की तथ्यात्मकता, सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं।)












Click it and Unblock the Notifications