• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

लोकसभा चुनाव 2019: उम्मीदवार नहीं, हिन्दुत्व का एजेंडा हैं प्रज्ञा ठाकुर

By प्रेम कुमार
|

नई दिल्ली। प्रज्ञा ठाकुर को बीजेपी में शामिल कराना और भोपाल से टिकट देना दूसरे चरण के मतदान से पहले और लोकसभा चुनाव में बाकी बचे 5 चरणों में मतदान के लिए वोटों के ध्रुवीकरण का आक्रामक अंदाज है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर जीते या हारे या फिर दिग्विजय सिंह की मुश्किलें बढ़े या कम हो- इन बातों से इस फैसले का सरोकार कतई नहीं है। अगर प्रज्ञा ठाकुर हार जाती हैं और केंद्र में एनडीए की सरकार बनती है तो प्रज्ञा को उसी तरह से मंत्री पद से नवाज़ा जा सकता है जैसे स्मृति ईरानी को नवाज़ा जा चुका है। कहने का मतलब ये है कि खुद प्रज्ञा ठाकुर के लिए भी हार-जीत से बड़ा मतलब चुनाव लड़ना है।

प्रज्ञा के बहाने राजनीतिक एजेंडा सेट करने की कवायद

प्रज्ञा के बहाने राजनीतिक एजेंडा सेट करने की कवायद

प्रज्ञा ठाकुर और बीजेपी के मकसद एक हों, जरूरी नहीं है। प्रज्ञा ठाकुर चुनाव जीतना चाहती हैं। एक उम्मीदवार के रूप में उनकी यही प्राथमिकता है। मगर, बीजेपी को इस बात से मतलब नहीं है कि भोपाल की एक सीट पर क्या होने वाला है। वह भोपाल में प्रज्ञा ठाकुर के बहाने पूरे देश में राजनीतिक एजेंडा सेट कर रही है। यह राजनीतिक एजेंडा है हिन्दुत्व का, जो अब तक 17वीं लोकसभा के लिए हो रहे चुनाव से नदारद है। खास तौर से ऐसा इसलिए है क्योंकि बीजेपी के पास इस चुनाव में राममंदिर जैसा कोई मुद्दा नहीं है। यूपी समेत पूरे हिन्दीपट्टी में इस मुद्दे की कमी बीजेपी को खल रही है।

ये भी पढ़ें: कौन कहता है कि चुनाव आयोग कुछ नहीं कर सकता?

जिन मुद्दों को प्रज्ञा के बहाने उठाएगी बीजेपी...

जिन मुद्दों को प्रज्ञा के बहाने उठाएगी बीजेपी...

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बहाने जो मुद्दा बीजेपी लोकसभा के चुनाव में उठाने जा रही है उनमें शामिल हैं- भगवा आतंकवाद, हिन्दू आतंकवाद, हिन्दुत्व, छद्म धर्मनिरपेक्षता, तुष्टिकरण वगैरह-वगैरह। ये मुद्दे दो तरीके से उठाए जाने वाले हैं। एक हिन्दुत्व की वकालत और दूसरा विरोधियों और खासतौर से कांग्रेस को हिन्दुत्व विरोधी के तौर पर सामने पेश करना। यह बीजेपी का डबल अटैक है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को एनआईए की तरफ से क्लीनचिट मिल चुकी है हालांकि संकट के दिनों में बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा का साथ नहीं दिया था, बल्कि उनसे किनारा कर लिया था। मगर, बाद में जैसे-जैसे हिन्दुत्व की जरूरत राजनीति में बीजेपी को महसूस होने लगी और विरोधियों ने भी मौका देकर उनकी इस ज़रूरत को शिद्दत से महसूस कराया, तो बीजेपी साध्वी प्रज्ञा के जेल में रहने को शहादत का जामा पहनाने में जुट गयी।

प्रज्ञा से बीजेपी ने राजनीतिक रूप से मांगी है माफी!

प्रज्ञा से बीजेपी ने राजनीतिक रूप से मांगी है माफी!

कह सकते हैं कि साध्वी प्रज्ञा को बीजेपी का उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने राजनीतिक रूप से प्रज्ञा ठाकुर से माफी मांग ली है, वहीं उनसे इस बात की इजाजत भी हासिल कर ली है कि अब वह उनके बरी होने का राजनीतिक इस्तेमाल भी करेगी। प्रज्ञा ने उम्मीदवारी स्वीकार कर बीजेपी को माफ भी कर दिया है और खुद के इस्तेमाल के लिए बीजेपी को छूट भी दे दी है। लोकसभा चुनाव के बाकी बचे दौर में यह नारा जोर पकड़ने वाला है कि हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। यह नारा खुद ब खुद कई सवाल पैदा करेंगे और सवाल उठाने वाला हिन्दू विरोधी के तौर पर प्रचारित होगा। बीजेपी और उसके समर्थक ऐसा करेंगे। जितना ज्यादा आतंकवाद को लेकर हिन्दू और मुस्लिम आधार पर डिबेट बढ़ेगी, बीजेपी का मकसद उतना ही पूरा होगा। इस्लाम कट्टरवाद को बढ़ावा देता है- यह सोच प्रज्ञा ठाकुर से जुड़े पहलू का छिपा हुआ पहलू है। उसे जोर-शोर से उठाया जाएगा। जितनी बहस बढ़ेगी, उतना राजनीतिक फायदा। इसी तरह किसने हिन्दू आतंकवाद का नारा दिया, भगवा आतंकवाद किसने कहा जैसे सवाल भी बीजेपी के पसंदीदा सवाल रहने वाले हैं।

मैदान छोड़ने में है कांग्रेस की भलाई

मैदान छोड़ने में है कांग्रेस की भलाई

प्रज्ञा ठाकुर के बहाने बीजेपी ने चुनाव के अगले चरणों के लिए मुद्दा बनाने की मशीन खड़ी कर ली है। अच्छा हो कि विरोधी दल ऐसी बहस में उलझने के बजाए, कोई तीसरा रास्ता निकाले। ऐसा करके ही वह बीजेपी के मकसद को विफल कर सकती है। अगर सम्भव हो, तो दिग्विजय सिंह प्रज्ञा ठाकुर को वॉक ओवर दे दें। वे चुनाव मैदान से भी हट जाएं कि वह ऐसे उम्मीदवार के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ना भी उचित नहीं समझते। इससे अधिक से अधिक एक सीट कांग्रेस हारेगी, मगर देश के पैमाने पर बीजेपी के मकसद को विफल करने का यह कारगर तरीका हो सकता है।

ये भी पढ़ें: भोपाल लोकसभा सीट के बारे में जानिए

(इस लेख में व्यक्त विचार, लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में दी गई किसी भी सूचना की तथ्यात्मकता, सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं।)

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

भोपाल की जंग, आंकड़ों की जुबानी
Po.no Candidate's Name Votes Party
1 Sadhvi Pragya Singh Thakur 866482 BJP
2 Digvijaya Singh 501660 INC

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Not candidate, Pragya Thakur is the agenda of Hindutva
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more