Ramdev Statement: स्वामी रामदेव की टिप्पणी पर उठे विवाद से गहलोत को होगा नुकसान
राजस्थान में एक कार्यक्रम में स्वामी रामदेव के एक भाषण पर उठे विवाद के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर एफआईआर दर्ज करके पुलिस कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पतंजलि योगपीठ के स्वामी रामदेव के खिलाफ राजस्थान के बाड़मेर में एक एफआईआर दर्ज की गई है। राजस्थान में स्वामी रामदेव की बहुत लोकप्रियता है, क्योंकि कई साल पहले एक योग गुरु के रूप में उन्होंने अपना सफर राजस्थान से ही शुरू किया था। अब उसी राजस्थान में रामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का प्रदेश की राजनीति पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा। एक तरह से रामदेव ने भले ही अपने एक भाषण से विवाद खड़ा करके मुसीबत मोल ले ली है, लेकिन उनके उस भाषण से राजनीति गर्म हो गई है। उनका बयान ऐसा है कि भारतीय जनता पार्टी भी उनके पक्ष में नहीं बोल सकती, लेकिन जैसे असुद्दुद्दीन औवौसी की पार्टी ने बवाल काटना शुरू किया है, उसका राजनीतिक फायदा भाजपा को ही मिलेगा।
पिछले वर्ष नूपुर शर्मा के एक बयान के बाद राजस्थान के उदयपुर में ही कन्हैया लाल का क्रूरतापूर्वक मर्डर कर दिया गया था। अब स्वामी रामदेव ने 2 फरवरी को उसी राजस्थान के बाड़मेर में अपने भाषण में भारत के मुसलमानों की मानसिकता पर टिप्पणी की है। हालांकि उन्होंने इस्लाम के खिलाफ कुछ नहीं बोला, लेकिन उन्होंने धर्म परिवर्तन करवाए जाने, हिन्दू लड़कियों को बरगलाने और लव जिहाद करने जैसी बातों की आलोचना की।

इसके अलावा उन्होंने ईसाईयों की धर्म परिवर्तन करवाने की मानसिकता की भी आलोचना की।उन्होंने कहा कि हिन्दू किसी का धर्म परिवर्तन नहीं करवाता, जबकि मुसलमान और ईसाई धर्म परिवर्तन में ही लगे रहते हैं।कोई कहता है कि पूरी दुनिया को इस्लाम में तब्दील करेंगे, कोई कहता है कि पूरी दुनिया को ईसाइयत में तब्दील करेंगे|
स्वामी रामदेव ने कहा कि इस्लाम और ईसाई धर्म के लोग भारत में हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन करवा कर इस देश की संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को बर्बाद करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि मुसलमानों को सिर्फ पांच बार नमाज के लिए कहा जाता है, उसके बाद वे कुछ भी करते रहें, जितने चाहे अपराध करते रहें। बाड़मेर पाकिस्तान का सीमान्त जिला है, जहां काफी मुस्लिम भी रहते हैं। अब बैन कर दिए गए इस्लामिक आतंकी संगठन पीएफआई का राजस्थान में काफी दबदबा है|
अशोक गहलोत सरकार ने दो साल पहले पीएफआई को बाकायदा हथियारों के साथ शक्ति प्रदर्शन करने की इजाजत दे दी थी, जिसकी हिन्दुओं में कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी| असुदुद्दीन ओवैसी की पार्टी भी राजस्थान में काफी सक्रिय है।अब जब बाबा रामदेव का यह वीडियो वायरल हुआ तो असुदुद्दीन ओवैसी ने स्वामी रामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। ओवैसी की पार्टी की राजस्थान ईकाई तुरंत सक्रिय हो गई, शनिवार को ओवैसी की पार्टी ने नेताओं ने बाड़मेर के जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया और अगले ही दिन रविवार को रामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई।
इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाबा रामदेव के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज करने के आदेश दिए उसके बाद उनके खिलाफ स्थानीय निवासी पठाई खान की एफ़आईआर दर्ज कर ली गई। रामदेव के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए धारा 295 ए और धारा 298 के तहत एफ़आईआर दर्ज हुई है, तीनों ही धाराएं धर्म के आधार पर नफरत फैलाने के खिलाफ हैं।
अशोक गहलोत पर मुस्लिम समाज ने रामदेव की गिरफ्तारी का दबाव बना दिया है। मुस्लिम समुदाय राजस्थान में कांग्रेस का पक्का वोट बैंक है। अगर असुदुद्दीन ओवैसी उन्हें कांग्रेस के खिलाफ भड़का कर अपने साथ ले गये, तो राजस्थान में कांग्रेस की लुटिया डूब जाएगी और भाजपा की जीत बहुत आसान हो जाएगी।इसलिए अशोक गहलोत बाबा रामदेव को गिरफ्तार करवा कर अपना वोट बैंक बचाने की कोशिश में जुट गए हैं।
बाबा रामदेव के बयान का असर राजस्थान के बाहर भी हो रहा है, और हो सकता है कि देश भर में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने का सिलसिला उसी तरह शुरू हो, जैसे नूपुर शर्मा के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज हुई थी।समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने यह कह कर रामदेव के खिलाफ अभियान चलाने के संकेत दिए हैं कि भाजपा के कई रूपों में कई तरह के लोग हैं, जो अपने अपने तरीके से भाजपा को सहयोग और साथ देते हैं।इसमें कोई शक नहीं कि आने वाले दिनों में रामदेव का संकट बढने वाला है।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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