शहद पर भी युद्ध और जलवायु परिवर्तन की मार

नई दिल्ली, 01 अगस्त। मधुमक्खी पालक मोहम्मद सैफ शहद का उत्पादन कर अच्छा खासा मुनाफा कमाते थे. लेकिन युद्ध और जलवायु परिवर्तन ने सैफ के इस कारोबार से होने वाली कमाई छीन ली. सैफ अब एक दयनीय जीवन जी रहे हैं. समाचार एजेंसी एएफपी से सैफ कहते हैं कि उनका कई सालों से चल रहा कारोबार अब खत्म हो रहा है. सैफ के मुताबिक, "मधुमक्खियां अजीब घटनाओं की चपेट में आ रही हैं. क्या यह जलवायु परिवर्तन या युद्ध के प्रभावों के कारण है? हम वास्तव में नहीं जानते हैं."
यमन मौजूदा समय में दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है. 2014 में ईरान समर्थक हूथी विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच लड़ाई और उसके बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के दखल के बाद से यमन में विनाशकारी स्थिति पैदा हो गई है, इस युद्ध में हजारों लोग मारे गए हैं, जबकि लाखों लोग बीमारियों और भोजन की कमी से पीड़ित हैं. इसके अलावा इस देश का बुनियादी नागरिक ढांचा भी नष्ट हो चुका है.
अप्रैल में संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाले युद्धविराम समझौते के बाद देश में कुछ हद तक शांति लौट आई है. सैफ दक्षिण-पश्चिमी ताइज के क्षेत्र में पहाड़ों की तलहटी में एक स्थान पर चले गए हैं. युद्ध से पहले सैफ के परिवार के पास करीब 300 मधुमक्खी के छत्ते थे, अब 80 ही बचे हैं.
विशेषज्ञ यमनी शहद को दुनिया में सबसे अच्छा मानते हैं, जिसमें रॉयल सीडर होता है, जिसे औषधीय गुण माना जाता है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यमन की अर्थव्यवस्था में शहद एक "महत्वपूर्ण भूमिका" निभाता है, जिसपर एक लाख परिवार अपनी आजीविका के लिए इस पर निर्भर हैं.
रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति का कहना है कि यमन में शहद उत्पादन युद्ध के बाद से अभूतपूर्व समस्याओं का सामना कर रहा है. रेड क्रॉस की जून में आई रिपोर्ट में कहा गया था "सशस्त्र संघर्ष और जलवायु परिवर्तन ने 3,000 साल पुराने इस कारोबार के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है."
सैफ कहते हैं, "पिछले साल हमारे गांव में एक मिसाइल सीधे कृत्रिम मधुमक्खियों के छत्ते पर गिरी थी. इस गांव में सब कुछ बर्बाद हो गया. युद्ध ने हमें नष्ट कर दिया है.
आतंकवादियों ने ऐसी कई जगहों को निशाना बनाया है जहां मधुमक्खियां हुआ करती थीं.
अब कई अंतरराष्ट्रीय संगठन मधुमक्खी पालकों का समर्थन कर रहे हैं, ताकि वे अपने कारोबार पर लौट सकें. 2021 में रेड क्रॉस ने 4,000 मधुमक्खी पालकों की मदद की थी.
एए/सीके (एएफपी)
Source: DW
-
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Rupali Chakankar कौन हैं? दुष्कर्म के आरोपी ज्योतिषी के कहने पर काट ली थी उंगली! संभाल रहीं थीं महिला आयोग -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’












Click it and Unblock the Notifications