बंगाल स्कूल भर्ती घोटाला: मामले की सुनवाई से हटे जस्टिस गंगोपाध्याय, SC ने कहा- दूसरे जज को सौंपे कार्यवाही
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल स्कूल भर्ती घोटाला मामले की सुनवाई से जस्टिस गंगोपाध्याय को हटाने का आदेश जारी किया है। अदालत ने कहा है केस सुनवाई किसी अन्य जज को सौंपी जाए।

West Bengal School Recruitment Scam: पश्चिम बंगाल स्कूल भर्ती घोटाला मामले की सुनवाई कलकत्ता हाईकोर्ट कर रहा है। स्कूलों में कर्मचारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं से संबंधित कार्यवाही को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा एक्शन लिया है। सर्वोच्च अदालत ने कलकत्ता हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि स्कूलों में कर्मचारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं से संबंधित कार्यवाही किसी अन्य न्यायाधीश को सौंपी जाय।
पश्चिम बंगाल के चर्चित स्कूल भर्ती घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट को निर्देश जस्टिस गंगोपाध्याय के साक्षात्कार के बाद के बाद जारी किया गया, जिसे एक न्यूज चैनल ने प्रसारित किया था। शीर्ष अदालत ने साक्षात्कार जस्टिस गंगोपाध्याय के बयान को नोटिस करते हुए हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई से उन्हें हटाने का निर्देश दिया।
बता दें कि पिछले हफ्ते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की बेंच ने आरोप लगाया कि कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस गंगोपाध्याय ने स्कूल भर्ती भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई के दौरान एक टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया था।
इस पर चीफ जस्टिस ने कहा था कि जज किसी भी तरह से अपने पेंडिंग मामलों के बारे में टीवी चैनलों को अदालत के जज इंटरव्यू नहीं दे सकते। अगर जस्टिस गंगोपाध्याय ने ऐसा किया है तो उन्होंन मामले की सुनवाई से अपना अधिकार खो दिया है। अब मामले की सुनावई करने की जिम्मेदारी किसी नए जज को दी जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद अब पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाला के मामले की सुनवाई जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय के कोर्ट में नहीं होगी। दरअसल एक निजी टीवी न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार के बाद अभिजीत गांगुली विवीदों में घिरे थे। जिसके बाद अब पश्चिम बंगाल स्कूल शिक्षक भर्ती घोटला मामले सुनवाई उनकी बेंच से सुप्रीम कोर्ट ने हटाने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की डी वाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को मामले की सुनवाई करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही मामले को कार्यवाही के लिए किसी अन्य बेंच पर भेजने को कहा गया है।
इससे पहले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के रिजस्ट्रार से हलफनामा मांगा था। हलफनामा दाखिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट कलकत्ता हाईकोर्ट को मामले में निर्देश जारी किया है।












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