पश्चिम बंगाल कांग्रेस के महासचिव रोहन एस मित्रा ने अपने पद से दिया इस्तीफा, प्रदेश नेतृत्व पर उठाए सवाल
कोलकाता, जुलाई 14। पश्चिम बंगाल कांग्रेस के महासचिव रोहन एस मित्रा ने बुधवार को पार्टी में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि उन्होंने अभी पार्टी की सदस्यता नहीं छोड़ी है। रोहन एस मित्रा ने पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी को एक खत लिखकर अपने इस्तीफे की जानकारी दी है। इस खत में उन्होंने अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि है कि वो अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व में काम करने के लिए प्रेरित नहीं थे।

चापलूसों के कारण बंगाल में कांग्रेस का हुआ पतन- मित्रा
रोहन एस मित्रा ने इस खत में लिखा है कि आपके (अधीर रंजन चौधरी) चापलूसों की वजह से आपका और राज्य में पार्टी का पतन हुआ है, जो निकट भविष्य में पार्टी के पुनरुत्थान के कोई स्पष्ट संकेत भी नहीं देता। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी का बहुत बुरा हाल हुआ था। कांग्रेस ने वाम मोर्चा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और एक सीट भी इस गठबंधन को नहीं मिली थी। पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ था कि कांग्रेस विधानसभा में खाता तक नहीं खुला।
रोहन मित्रा ने निकाली अधीर रंजन चौधरी पर भड़ास
अधीर रंजन चौधरी पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए रोहन मित्रा ने लिखा, 'मेरे प्रति आपका रवैया शुरू से ही दयनीय रहा है। आपका अहंकार आपको प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटाने जाना संभाल नहीं सका, और आपने इसका बदला मुझसे लेने का फैसला किया।' उन्होंने आगे लिखा, 'आपको पश्चिम बंगाल में तत्कालीन सीएलपी और विपक्ष के नेता के साथ हाथ मिलाने में एक सेकंड भी नहीं लगा, जिनके अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान आपके चूहे-बिल्ली की तरह के रिश्ते थे, आप धर्म कार्ड खेलते हैं, आपने मुझे अपने जिले में प्रवेश करने से भी रोका ताकि मैं युवा कांग्रेस अध्यक्ष न बन सकूं।'












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