बंगाल हिंसा पर भड़के TMC के मुस्लिम विधायक, ममता बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोप, राज्यसभा चुनाव को लेकर दी धमकी
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों के बाद हो रही हिंसा के विरोध में अब सत्ताधारी टीएमसी के विधायकों ने भी अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के एक विधायक ने रविवार को धमकी दी है कि अगर पार्टी के विरोधी गुट की ओर से उनके समर्थकों पर अत्याचार जारी रहा तो वह राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं देंगे।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार तृणमूल कांग्रेस के एमएलए अब्दुल करीम चौधरी ने अपने चुनाव क्षेत्र इस्लामपुर के कई ब्लॉक का दौरा कर लौटने के बाद अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ यह नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले किसी विधेयक का भी वह समर्थन नहीं करेंगे।

पार्टी के विरोधी गुट की ओर से समर्थकों की पिटाई का आरोप
दरअसल, बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर सब-डिविजन में अब्दुल करीम के कई समर्थकों ने हाल में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पंचायत चुनावों में हिस्सा लिया था। उनका आरोप है कि 11 जुलाई को रिजल्ट घोषित होने के बाद विरोधी गुट की ओर से उनके समर्थकों की पिटाई की गई है।
...तो राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं दूंगा- टीएमसी एमएलए
टीएमसी एमएलए ने कहा, 'अगर मेरी पार्टी में एक गुट आम लोगों पर अत्याचार करता रहेगा, जिनमें से कई मेरे विश्वासपात्र हैं.....अगर पार्टी के वरिष्ठ लोगों की ओर से हस्तक्षेप नहीं होने की वजह से मारपीट और आगजनी बेरोकटोक जारी रहती है, तो मैं राज्यसभा चुनावों में वोटिंग से अनुपस्थित रहने के लिए मजबूर हो जाऊंगा।'
सीएम ममता बनर्जी बिगड़ती हालात पर ध्यान देने में नाकाम- टीएमसी एमएलए
तृणमूल के मुस्लिम विधायक ने तो अबकी बार सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ही पूरी तरह से नाकाम रहने का आरोप लगा दिया है। उन्होंने कहा, 'भविष्य में राज्य सरकार की ओर से विधानसभा में पेश किए जाने वाले किसी विधेयक का भी मैं समर्थन नहीं करूंगा। मेरी उनसे बार-बार की अपील के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस्लामपुर में बिगड़ती हालात पर ध्यान देने में नाकाम रही हैं। अगर वहां हालात में सुधार नहीं होता, अगर मेरी बात नहीं सुनी जाती है तो मैं इस सरकार का विरोध करना शुरू कर दूंगा।'
पार्टी के खिलाफ अपमानजनक तरीके से नहीं बोलना चाहिए- तृणमूल
पार्टी विधायक की इस नाराजगी पर टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा है, 'उन्हें पार्टी के खिलाफ सार्वनिक तौर पर इस अपमानजनक तरीके से नहीं बोलना चाहिए था। मैं यही कह सकता हूं कि इस मुद्दे पर नेतृत्व कोई फैसला लेगा।'
दरअसल, लंबे समय से अब्दुल करीम और तृणमूल के जिलाध्यक्ष कनैयालाल अग्रवाल के बीच अनबन रही है। इस्लामपुर विधायक ने आरोप लगाया था कि पार्टी के अहम नीतिगत फैसलों में उन्हें नजरअंदाज किया गया और तीन महीने पहले जब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक बनर्जी उत्तर बंगाल में जनसंपर्क अभियान में निकले थे तो वह उनसे भी नहीं मिल पाए।
राज्यसभा चुनाव 24 जुलाई को होना है और टीएमसी ने इसके लिए 6 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर रखे हैं। 294 एमएलए वाली बंगाल विधानसभा में टीएमसी के अपने 216 विधायक हैं। इसके अलावा उसे 5 भाजपा विधायकों और एक कांग्रेस विधायक का भी समर्थन होने की बात कही जाती है। राज्य से सात सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिसमें से एक पर भाजपा प्रत्याशी की जीत लगभग सुनिश्चित है।












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