RG Kar Case: 'वो मेरी मासूम गुड़िया थी', कोर्ट का फैसला सुनते ही रो पड़े ट्रेनी डॉक्टर के पिता,जानिए क्या कहा?
RG Kar Case: ' वो मेरी मासूम गुड़िया थी, मेरे कलेजे का टुकड़ा..क्यों किया तुमने ऐसा', यही शब्द थे उस पिता के जिसने अपनी बेटी को एक खूंखार दरिंदे की वजह से खो दिया। शनिवार को सियालदह कोर्ट में जब बलात्कार और हत्या मामले में मुख्य आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दिया गया उस वक्त पीड़िता क पिता खुद को रोक नहीं पाए और फूट-फूटकर रो पड़े और उनके मुंह से ऐसे अल्फाज निकले।
इस भावुक दृश्य को जिस किसी ने भी देखा, उसकी आंखें भी छलछला उठीं। आपको बता दें कि कोलकाता के सियालदह की सत्र अदालत ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 31 वर्षीय ट्रेनी डॉक्टर के बलात्कार और हत्या मामले में मुख्य आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दिया है, अदालत उसे 20 जनवरी को सजा सुनाएगा।

गौरतलब है कि 9 अगस्त 2025 को महिला ट्रेनी डॉक्टर का शव आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में अर्धनग्न अवस्था में मिला था। उसके शरीर पर कई चोटें भी थीं।
'संजय को धारा 66 और 103 (1) के तहत हत्या का दोषी ठहराया गया' (RG Kar trainee Doctor Row)
संजय रॉय को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 के तहत बलात्कार और धारा 66-103 (1) के तहत हत्या का दोषी ठहराया गया। इस घटना के सामने आने बाद कोलकाता से लेकर पूरे देश में आक्रोश फैल गया था।
'दोषियों को सजा हर हालत में मिलकर रहेगी' (RG Kar trainee Doctor Row)
इस घटना के कारण ममता सरकार भी सवालों के घेरे में थीं। हालांकि सीएम ममता बनर्जी ने खुले मंच से दावा किया था कि 'दोषियों को सजा हर हालत में मिलकर रहेगी।' कोर्ट ने कहा कि संजय रॉय को ट्रेनी डॉक्टर का यौन उत्पीड़न करने और गला घोंटकर हत्या करने का दोषी पाया गया है और सीबीआई ने उनके खिलाफ सभी आरोप साबित कर दिए हैं इसको सजा 20 तारीख को सुनाई जाएगी।
'मैं रुद्राक्ष की माला पहनता हूं..मुझे फंसाया गया है'
अदालत के इस फैसले के बाद भी संजय रॉय ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि 'उसे फंसाया गया है, मैं रुद्राक्ष की माला पहनता हूं और अगर मैंने अपराध किया होता तो वह टूट जाती।'
चिकित्सक के माता-पिता ने रॉय को दोषी करार दिए जाने के लिए न्यायाधीश को धन्यवाद दिया और कहा कि 'अदालत ने उनके भरोसे का सम्मान किया है, हम कोर्ट को धन्यवाद देते हैंं।'
आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामला: (RG Kar trainee Doctor case Timeline)
- 9 अगस्त, 2024: आरजी कर मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल में एक 31 वर्षीय ट्रेनी डॉक्टर का अर्धनग्न शव मिला, जिसके शरीर पर र 16 बाहरी और नौ आंतरिक चोटें थीं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के बाद हाथ से गला घोंटने से मौत की पुष्टि हुई।
- 10 अगस्त, 2024: पुलिस ने इस जघन्य अपराध के लिए 28 वर्षीय traffic police volunteer को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
- 11 अगस्त 2024: इस घटना से पूरे देश में आक्रोश पैदा हो गया, लोग न्याय के लिए सड़कों पर उतर आए। कोलकाता समेत पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, जिसमें डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी भाग लिया।
- 11 अगस्त 2024: पश्चिम बंगाल सरकार ने अस्पताल के अधीक्षक का तबादला कर दिया।
- 12 अगस्त 2024: अस्पताल के प्रिंसिपल संदीप घोष ने बढ़ते दबाव के चलते पद छोड़ दिया।
- 13 अगस्त 2024: पीड़िता के माता-पिता ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने कोलकाता पुलिस पर भरोसा न होने का हवाला देते हुए सीबीआई से जांच की मांग की।
- 13 अगस्त 2024: उच्च न्यायालय ने जांच सीबीआई को सौंप दी।
- 15 अगस्त, 2024 : 'रिक्लेम द नाइट' रैलियों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए न्याय की मांग की गई।
- 20 अगस्त 2024: सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की सुरक्षा के लिए 10 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया।
- नवंबर 2024: आरोपी संजय रॉय पर भारतीय दंड संहिता के तहत बलात्कार और हत्या का औपचारिक आरोप लगा।
- दिसंबर 2024: संदीप घोष और अभिजीत मंडल को जमानत मिली।
- 16 जनवरी, 2025: सियालदह कोर्ट ने संजय रॉय को दोषी करार दिया।












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