नारदा केस- CBI ने लगाए सीएम ममता पर गंभीर आरोप, केस दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने की मांग
नारदा केस- CBI ने सीएम ममता पर लगाए गंभीर आरोप, केस दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने की माग
कोलकाता, 19 मई: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नारदा स्टिंग मामले की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कानून मंत्री मोलेय घटक और टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी को पार्टी बनाया है। बुधवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से हाईकोर्ट में कहा गया है कि सोमवार को चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ममता बनर्जी की मौजूदगी में अराजक माहौल बनाया गया।
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सीबीआई की ओर से हाईकोर्ट में कहा गया है कि चारों आरोपी जोकि अब जेल में हैं उनको पुलिस कस्टडी में दिया जाए। एजेंसी की ओर से कहा गया कि सोमवार को जिस तरह की अराजकता ममता बनर्जी की मौजूदगी में सीबीआई दफ्तर पर हुई, उसके चलते उन्होंने पुलिस कस्टडी नहीं मांगी थी। सीबीआई ने इस मामले को राज्य से बाहर स्थानांतरित करने की मांग भी अदालत से की है।
नारद स्टिंग मामले में सीबीआी ने पश्चिम बंगाल के दो मंत्रियों फिरहाद हाकिम और सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और पूर्व मेयर सोवन चटर्जी को गिरफ्तार किया है। इन नेताओं की जमानत पर कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अगुवाई वाली कलकत्ता हाईकोर्ट की दो जजों की बेंच सुनवाई कर रही है। सीबीआई की ओर से इस मामले को दूसरे राज्य में स्थानांतरित करने को याचिका दी गई है। इस पर भी अदालत में सुनवाई हुई है।
सोमवार को हुई थी गिरफ्तारी
सीबीआई ने 17 मई को पश्चिम बंगाल सरकार के दो मंत्रियों समेत चार नेताओं की नारदा घोटाला मामले में गिरफ्तारी की है। इन नेताओं की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई के इस कदम को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता के सीबीआई दफ्तर पहुंच गईं थीं। ममता बनर्जी ने सीबीआई अधिकारियों को कहा थी कि उनको भी गिरफ्तार किया जाए। सुबह करीब साढ़े दस बजे सीबीई दफ्तर पहुंची ममता बनर्जी शाम साढ़े पांच बजे सीबीआई दफ्तर से लौटीं। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने इस दौरान कोलकाता में भारी विरोध प्रदर्शन किए थे। इसी का हवाला देकर सीबीआई ने केस दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने की मांग की है।
2016 का है ये स्टिंग
नारदा स्टिंग टेप पश्चिम बंगाल में 2016 के विधानसभा चुनावों से पहले सामने थे। बताया गया था कि ये स्टिंग 2014 में किया गया था। इस स्टिंग में कथित तौर पर टीएमसी नेताओं को रिश्वत लेते दिखाया गया था। स्टिंग में फरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा, सुवेंदु अधिकारी, मुकुल रॉय, सोवन चटर्जी का नाम सामने आया था। ये स्टिंग ऑपरेशन नारद न्यूज पोर्टल ने किया था। इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने 2017 में स्टिंग सीबीआई जांच का आदेश दिया था। जिसके बाद सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। बता दें कि गिरफ्तार किए नेताओं में फरहाद हकीम और सुब्रत मुखर्जी इस समय राज्य सरकार में मंत्री और मदन मित्रा टीएमसी के विधायक हैं। इस मामले में आरोपी रहे कई नेता अब भाजपा में हैं।












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