Bankipur Upchunav: 12 साल की उम्र से पार्टी में? बांकीपुर BJP के नए कैंडिडेट नीरज सिन्हा भी घिरे विवादों में

Bankipur Upchunav: बिहार की सबसे चर्चित और बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है। पहले पार्टी ने 24 घंटे के भीतर अपना उम्मीदवार बदल दिया और अब नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के बायोडाटा में सामने आई कथित गड़बड़ी विपक्ष को हमला बोलने का नया मौका दे रही है।

बता दें कि, बांकीपुर विधानसभा सीट की लड़ाई जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने के ऐलान से ही हॉट सीट बनी थी, लेकिन अब बीजेपी ने ऐसा बवंडर किया है जिस वजह से इस सीट की चर्चा पूरे देश में हो रही है।

bankipur bjp candidate neeraj sinha biodata

12 साल की उम्र में बीजेपी की सदस्यता का दावा बना विवाद की वजह

बीजेपी ने बांकीपुर से नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा (Neeraj Kumar Sinha Bankipur)के नाम की घोषणा के साथ उनका बायोडाटा भी जारी किया। इसमें उनकी जन्मतिथि 1 जुलाई 1994 दर्ज थी। वहीं, इसी दस्तावेज में लिखा गया कि उन्होंने वर्ष 2006 में बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता लेकर राजनीति की शुरुआत की। इस दावे के सामने आते ही सवाल उठने लगे कि अगर जन्म वर्ष 1994 है तो 2006 में उनकी उम्र महज 12 साल होती। इसी गणित को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गईं और विपक्ष ने भी बीजेपी की तैयारियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

bjp candidate neeraj sinha biodata

विवाद बढ़ते ही बीजेपी ने जारी किया संशोधित बायोडाटा

बायोडाटा को लेकर उठे सवालों के बाद बीजेपी ने कुछ ही देर में नीरज कुमार सिन्हा का संशोधित बायोडाटा जारी कर दिया। नए दस्तावेज में उनकी जन्मतिथि पहले की तरह 1 जुलाई 1994 ही रखी गई, लेकिन 2006 में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता लेने वाला पूरा उल्लेख हटा दिया गया। यानी संशोधित बायोडाटा में यह जानकारी ही नहीं दी गई कि उन्होंने बीजेपी कब जॉइन की थी। हालांकि, दो अलग-अलग बायोडाटा जारी होने और बदलाव की वजह को लेकर पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। लेकिन इसको लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है।

उम्मीदवार बदलने के बाद बढ़ीं बीजेपी की मुश्किलें

यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है जब बीजेपी पहले ही उम्मीदवार बदलने के फैसले को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। पार्टी ने पहले अभिषेक बंटी को टिकट देकर उनका नामांकन भी दाखिल कराया था, लेकिन बाद में उनकी जगह नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बना दिया। अभिषेक बंटी ने उम्मीदवारी वापस लेने की वजह व्यक्तिगत कारण बताए हैं। अब उम्मीदवार बदलने के बाद नए प्रत्याशी के बायोडाटा में सामने आई गड़बड़ी ने बांकीपुर उपचुनाव की सियासी चर्चा को और गर्म कर दिया है।

बीजेपी के गढ़ में प्रशांत किशोर की बड़ी चुनौती

बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव दिलचस्प मोड़ ले लिया है। पटना शहर के बीचों-बीच स्थित यह सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। पिछले करीब 30 वर्षों से इस सीट पर नितिन नवीन के परिवार का राजनीतिक दबदबा कायम रहा है। हालांकि, इस बार मुकाबला पहले के मुकाबले कहीं अधिक दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार इसी सीट से चुनावी राजनीति में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। ऐसे में बांकीपुर का मुकाबला पूरे बिहार की सियासत का केंद्र बन गया है। वहीं दूसरी ओर, बीजेपी उम्मीदवार बदलने और नए प्रत्याशी के बायोडाटा को लेकर उठे विवादों की वजह से विपक्ष के निशाने पर है, जिससे चुनावी माहौल और अधिक गरमा गया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+