ममता बनर्जी ने केंद्र पर लगाया भेदभाव का आरोप, फंड जारी नहीं करने पर दो दिवसीय धरने पर बैठीं
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मनरेगा सहित कई योजनाओं के लिए फंड नहीं देने पर केंद्र सरकार के खिलाफ आज से कोलकाता में दो दिवसीय धरने पर बैठी हैं। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर कई आरोप लगाए हैं।

West Bengal News: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी केंद्र सरकार के खिलाफ दो दिवसीय धरने पर बैठी हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में 100 दिनों के काम (मनरेगा) सहित कई योजनाओं के लिए फंड नहीं देने पर केंद्र सरकार के खिलाफ आज से कोलकाता में दो दिवसीय धरना दे दिया है। सीएम पहले भी कई मौकों पर सरकार के खिलाफ राज्य के प्रति कथित भेदभावपूर्ण रवैये का आरोप लगा चुकी हैं।
मनरेगा समेत कई योजनाओं के फंड रोकने का लगाया आरोप
दरअसल, सीएम बनर्जी, पार्टी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास, सुब्रत बख्शी और सोवनदेब चट्टोपाध्याय के साथ रेड रोड पर डॉ बीआर अंबेडकर की प्रतिमा के सामने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं और केंद्र द्वारा मनरेगा के लिए राज्य को कथित तौर पर धन रोकने के खिलाफ अपना विरोध शुरू किया। उन्होंने आवास और सड़क विभागों की अन्य योजनाओं के लिए फंड नहीं देने पर धरना प्रदर्शन गुरुवार शाम तक जारी रखने का फैसला किया है।
#WATCH | West Bengal CM Mamata Banerjee sits on two days Dharna in Kolkata, starting from today against the Central government for not clearing funds for several schemes including 100 days work. pic.twitter.com/tfI45NFZ1u
— ANI (@ANI) March 29, 2023
ओबीसी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति बंद करने का आरोप
मंगलवार को बंगाल की सीएम ने आरोप लगाया था कि भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र ने राज्य के लिए मनरेगा परियोजना और उसके आवास और सड़क विभागों की अन्य पहलों के लिए धन जारी नहीं किया है। उन्होंने 12,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण की परियोजना की शुरुआत करते हुए कहा कि, 'केंद्र ने मनरेगा और इंदिरा आवास योजना (ग्रामीण) के लिए धन जारी करना बंद कर दिया है। इसके अलावा ओबीसी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति भी बंद कर दी है।'
7,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित
इस साल के अंत में होने वाले पंचायत चुनाव से पहले 'पथश्री-रस्ताश्री' योजना की शुरुआत करते हुए बनर्जी ने कहा था कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण पर 3.75 हजार करोड़ रुपये का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी न कि केंद्र सरकार। उन्होंने कहा कि, 'केंद्र ने मनरेगा योजना के तहत लंबित 7,000 करोड़ रुपये से अधिक जारी नहीं किया है और पहल के तहत काम पूरा करने में राज्यों की सूची में पश्चिम बंगाल के शीर्ष पर होने के बावजूद हमारे लोगों को काम नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि इसके पीछे ईर्ष्या या राजनीति का कारण हो सकता है।












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