दान पेटी से लेकर बैंक लेन-देन तक, चढ़ावा चोरी के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने बदले ये बड़े नियम, VIP पास भी बंद!
Ram Mandir New Rules: अयोध्या का राम मंदिर इन दिनों चढ़ावा चोरी को लेकर विवादों में बना हुआ है। चढ़ावा चोरी से जुड़े कई तरह के खुलासे बीते कुछ दिनों में हुए हैं। जब से ये बात सामने आई है तब से श्रद्धालुओं में राम मंदिर के व्यवस्था को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
दान और चढ़ावा को लेकर भी लोगों के मन में भय की स्थिति है। ऐसे में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर बेहद कड़े कदम उठाए हैं। मंदिर प्रशासन ने दान पेटी से लेकर बैंक लेन-देन और वीआईपी पास जारी करने की व्यवस्था में कई बड़े फेरबदल किए हैं।

चढ़ावा चोरी की घटना से सबक लेते हुए ट्रस्ट ने दान की राशि की गिनती के नियमों को पूरी तरह से बदल दिया है। अब दान गिनने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली ड्रेस पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। इसके साथ ही, अब चढ़ावा या दान की पूरी गिनती की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जा रही है। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए जहां पैसों की गिनती होती है वहां पर 13 नए CCTV कैमरे लगाए गए हैं। चढ़ावा गिनने वाली जगह पर अब केवल 43 अधिकृत लोग ही मौजूद रह सकते हैं।
VIP पास की प्रक्रिया भी बंद
चढ़ावा चोरी के इस पूरे विवाद के बीच प्रशासनिक स्तर पर भी एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राम मंदिर में VIP पास जारी करने की प्रक्रिया को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। ट्रस्ट ऑफिस के इंचार्ज के अनुसार, जिन अधिकारियों की ID का इस्तेमाल VIP पास बनाने के लिए होता था, उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पहले VIP पास जारी करने की कोई तय सीमा नहीं थी और जरूरत पड़ने पर 100 से अधिक पास भी जारी कर दिए जाते थे। फिलहाल तकनीकी रूप से ये इस्तीफे स्वीकार नहीं हुए हैं, लेकिन अस्थायी व्यवस्था के तहत ट्रस्टी दिनेन्द्र दास के पास पास जारी करने के आवश्यक अधिकार सुरक्षित हैं। इस वजह से फलहाल VIP पास पर रोक है।
पूर्व सैनिकों ने संभाली कमान, बैंक लेन-देन के नियम भी बदले
राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद बनाने के लिए ट्रस्ट ने अब रिटायर्ड सैनिकों की सेवाएं ली हैं। इन सैनिकों को परिसर के संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। इसके अलावा, दान पेटियों को गणना केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए 27 SIS सुरक्षाकर्मियों और पुलिस बल को तैनात किया गया है। पिलर नंबर-34 पर मौजूद गुप्त दान पेटी की सुरक्षा के लिए 3 एक्स्ट्रा पुलिसकर्मी लगाए गए हैं।
पैसों और दान से जुड़ी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल सिग्नेचर की पुरानी व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। अब बैंक से जुड़े किसी भी लेन-देन के लिए अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, मुख्य अभियंता जगदीश आफले और चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय, सभी के सिग्नेचर जरुरी होंगे।
नहीं आई दान में कोई कमी
ट्रस्ट का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और दान में कोई कमी नहीं आई है। हालांकि, अब सुरक्षा और रसीद की व्यवस्था को देखते हुए अधिकांश श्रद्धालु डोनेशन काउंटर या ट्रस्ट कार्यालय में रसीद लेकर ही दान देना पसंद कर रहे हैं। अयोध्या के नवनियुक्त एसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्रा ने मंदिर की इस नई सुरक्षा व्यवस्था की पूरी कमान संभाली है।












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