कलकत्ता HC ने NHRC की टीम को बंगाल भेजने का दिया था आदेश, ममता सरकार ने लगाई पुनर्विचार याचिका
कोलकाता, जून 20। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हुई हिंसा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट की पांच जजों वाली बेंच ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को राज्य का दौरा करने और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था, लेकिन ममता सरकार को ये रास नहीं आया और बंगाल सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी। रविवार को दाखिल की गई इस याचिका पर संभव है कि सोमवार को सुनवाई की जाए। इस याचिका में पश्चिम बंगाल सरकार ने ये मांग की है कि हाईकोर्ट अपने आदेश को वापस ले।

भाजपा नेता की याचिका पर हाईकोर्ट ने दिया था आदेश
आपको बता दें कि 18 जून को कलकत्ता हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश जिंदल, न्यायमूर्ति इंद्र प्रसन्ना मुखर्जी, न्यायमूर्ति सौमेन सेन, न्यायमूर्ति हरीश टंडन और न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार की पांच सदस्यीय बेंच ने ये आदेश दिया था कि बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटना की जांच के लिए NHRC की एक टीम बंगाल जाएगी और अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। हाईकोर्ट ने फैसला भाजपा की नेता प्रियंका टिबरेवाल की याचिका पर लिया था।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जांच में सहयोग के लिए कहा था
इससे पहले शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि पहले तो राज्य सरकार लगे आरोपों को मान ही नहीं रही, लेकिन हमारे पास कई घटनाओं की जानकारी और सबूत हैं, इसलिए राज्य सरकार आरोपों को अनदेखा ना करे। अदालत ने सख्ती दिखाते हुए हिंसा की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को एक समिति गठित करने का निर्देश दिया था। साथ ही राज्य सरकार को इस जांच में सहयोग करने के लिए कहा था।
चुनावी नतीजों के बाद हुई थी हिंसा
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के दिन ही राज्य में हिंसा की घटनाएं हुई थी, जिसमें भाजपा के दो कार्यकर्ता मारे गए थे। इन कार्यकर्ताओं के परिवार ने भी इंसाफ की मांग करते हुए सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में लगाई है, जिस पर सुनवाई चल रही है।












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