Kolkata: देश की पहली अंडरवाटर मेट्रो का सफल ट्रायल, हुगली नदी के नीचे रचा गया इतिहास

Kolkata में 1984 में देश की पहली मेट्रो चली थी। अब वहां पर फिर नया इतिहास रचा गया, जहां देश की पहली अंडरवाटर मेट्रो का ट्रायल हुआ।

Kolkata

परिवहन के क्षेत्र में भारत ने एक नया कीर्तिमान रच दिया, जहां बुधवार को कोलकाता में देश की पहली अंडरवाटर मेट्रो का परीक्षण हुआ। पहली बार जब नदी के नीचे बनी टनल में मेट्रो दौड़ी, तो वहां मौजूद कर्मचारियों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है।

आमतौर पर जब नदी के ऊपर से मेट्रो जानी होती है, तो पुल बनाए जाते हैं, लेकिन कोलकाता मेट्रो में मामला अलग है। मेट्रो की टीम ने पुल की जगह नदी के नीचे टनल बना दी। इसके तहत बुधवार को मेट्रो ने कोलकाता से हावड़ा तक का सफर किया।

मेट्रो ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि ट्रायल के दौरान मेट्रो रेल के महाप्रबंधक (जीएम) पी उदय कुमार रेड्डी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने महाकरण से हावड़ा मैदान स्टेशन तक रेक संख्या-613 पर यात्रा की। ट्रेन बुधवार सुबह करीब 11:55 पर हुगली नदी पार कर गई। हावड़ा स्टेशन पर रेक के सफलतापूर्वक पहुंचने के बाद जीएम ने पूजा की।

जीएम ने इसे ऐतिहासिक लम्हा बताया है। उन्होंने कहा कि हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड तक 4.8 किमी सेक्शन पर ट्रायल रन सात महीने तक चलेगा, जिसके बाद इस रूट पर मेट्रो सेवा जनता के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने इस बेहतरीन प्रयास के लिए सभी कर्मचारियों को भी धन्यवाद कहा।

मामले में मेट्रो रेल के सीपीआरओ कौशिक मित्रा ने कहा कि मेट्रो रेलवे के लिए ये एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि कई बाधाओं को पार करने के बाद हम हुगली नदी के नीचे रेक चलाने में सफल रहे हैं। कोलकाता और उपनगरों के लोगों को एक आधुनिक परिवहन प्रणाली प्रदान करने की दिशा में ये एक क्रांतिकारी कदम है।

उम्मीद है कि इस रूट पर इस साल मेट्रो सेवाएं शुरू हो जाएंगी। एक बार जब ये रूट शुरू हो जाएगा, तो हावड़ा देश का सबसे गहराई में स्थित मेट्रो स्टेशन होगा, जो सतह से 33 मीटर नीचे है। वहीं हुगली नदी के नीचे 520 मीटर की टनल है, जिसे करीब 45 सेकेंड में मेट्रो कवर कर लेगी।

एक बार ट्रायल रन पूरा हो जाने के बाद, मेट्रो सेवा हावड़ा मैदान स्टेशन से साल्टलेक सेक्टर V तक नियमित रूप से जनता के लिए खोल दी जाएगी। इससे सड़कों पर भीड़ कम होगी और लोग कम समय में यात्रा कर सकेंगे।

कितनी है टनल की गहराई?
हुगली नदी में एक टनल बनाई गई है। ये नदी के तल से 13 मीटर और जमीन के स्तर से 33 मीटर नीचे है। इसका आंतरिक व्यास 5.55 मीटर और बाहरी व्यास 6.1 मीटर रखा गया है। वहीं अप और डाउन टनल के बीच की केंद्र से दूरी 16.1 मीटर होगी।

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