Kolkata Doctor Murder: SC में सुनवाई आज, वित्तीय मामलों की जांच को SIT टीम तैयार, BJP ने बताया ममता की चाल
Kolkata Doctor Murder Case Update: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 31 वर्षीय महिला ट्रेनी डॉक्टर के दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। घटना का संज्ञान लेने वाली मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने सुबह 10:30 बजे सुनवाई के लिए मामले को कॉज लिस्ट में सबसे ऊपर रखा है।
इस मामले का स्वतः संज्ञान लेना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मामला पहले से ही कलकत्ता हाई कोर्ट के संज्ञान में है। हाई कोर्ट ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है।

वहीं, पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि बंगाल सरकार ने जनवरी 2021 से अब तक अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए सोमवार को एक विशेष जांच दल का गठन किया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अधिकारियों ने स्वास्थ्य सुविधा में 31 वर्षीय महिला ट्रेनी डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या की जांच के सिलसिले में संदीप घोष से सोमवार को लगातार चौथे दिन पूछताछ की। पश्चिम बंगाल सरकार के एक आदेश में कहा गया है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एक एसआईटी गठित की गई है, जो एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी।
क्या कहा गया बंगाल सरकार के आदेश में ?
बंगाल सरकार के गृह एवं पहाड़ी मामलों के विभाग की आंतरिक सुरक्षा शाखा की एक 'अधिसूचना' में कहा गया है कि पुलिस महानिरीक्षक प्रणव कुमार की अध्यक्षता वाली एसआईटी को जांच को शीघ्र पूरा करने के लिए आवश्यक सरकारी विभागों और निजी एजेंसियों से किसी भी प्रासंगिक दस्तावेज तक पहुंचने की स्वतंत्रता होगी। आदेश में कहा गया है कि एसआईटी अपने गठन की तिथि से एक महीने के भीतर अपनी पहली रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।
SIT का गठन, बीजेपी ने बताया ममता की चाल
राज्य सरकार के कदम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने संदेह जताया कि पश्चिम बंगाल पुलिस सीबीआई को संदीप घोष को हिरासत में लेने से रोकने के लिए उन्हें गिरफ्तार करेगी।
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब पश्चिम बंगाल सरकार ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के बदनाम प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष द्वारा लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी में 4 आईपीएस अधिकारी शामिल हैं। पुलिस अधिकारी वित्तीय अपराधों की जांच करने के लिए कैसे सक्षम हैं? यह कुछ और नहीं बल्कि घोष को बचाने के लिए ममता बनर्जी की चाल है। पश्चिम बंगाल पुलिस समय रहते संदीप घोष को गिरफ्तार कर लेगी, ताकि CBI उन्हें हिरासत में न ले सके।
उन्होंने कहा कि जब तक ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देतीं, महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। उन्हें अब इस्तीफा दे देना चाहिए।
संदीप घोष से CBI की 13 घंटे तक पूछताछ, पूछे यह सवाल
एक अधिकारी ने बताया कि पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष सुबह सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित सीबीआई के कोलकाता कार्यालय पहुंचे और उनसे देर शाम तक करीब 13 घंटे तक पूछताछ की गई।
इन 4 सवालों में उलझी गुत्थी
- सवाल: डॉक्टर की मौत की खबर मिलने के बाद आपकी (संदीप घोष) की क्या भूमिका थी?
- सवाल: आपने (संदीप घोष) किससे संपर्क किया?
- सवाल: माता-पिता को उनका शव देखने से पहले लगभग तीन घंटे तक इंतजार क्यों कराया?
- सवाल: 9 अगस्त को पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी का शव वहां पाए जाने के बाद सेमिनार हॉल से सटे कमरों की मरम्मत का आदेश किसने दिया था?
CBI ने जुटाए सबूत
अधिकारी ने कहा कि उसके कुछ बयान मामले में पूछताछ कर रहे अन्य लोगों के बयानों से मेल नहीं खाते। कॉल रिकॉर्ड और चैट डिटेल की भी जांच की जा रही है। बाद में शाम को सीबीआई अधिकारियों की एक टीम ने आरजी कर अस्पताल का दौरा किया और वहां की ट्रॉमा केयर यूनिट का करीब से निरीक्षण किया और नमूने भी एकत्र किए।












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