केंद्र सरकार पर बरसीं ममता 'दीदी', कहा- कोरोना संकट सरकार के 6 महीने काम नहीं करने का नतीजा
कोलकाता, मई 08: पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर ने हाहकार मचा रखा है। रोजाना रिकॉर्ड नए केस दर्ज हो रहे हैं। वहीं वायरस से मौत का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है। इस बीच बंगाल में जीत की हैट्रिक लगाकर सत्ता संभालने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को विधानसभा के विशेष सत्र में पहली बार अपने भाषण में केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि देश में कोरोना संकट पिछले छह महीनों में केंद्र के 'कोई काम नहीं करने' का नतीजा है।
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टीएमसी विधायक बिमान बंद्योपाध्याय को तीसरी बार अध्यक्ष चुने जाने के बाद बनर्जी विधानसभा में बोल रही थीं। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के नेता बंगाल को 'कैप्चर' करने के लिए रोजाना यहां दौरा कर रहे थे। देश में आया कोरोना संकट केंद्र के पिछले 6 महीने में काम नहीं करने का नतीजा हैं। वहीं सांप्रदायिक उकसावों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा चुनाव जीतने में विफल होने के बाद हिंसा भड़का रही है।
उन्होंने कहा कि मैं चुनौती दे सकती हूं कि चुनाव आयोग ने उन्हें सीधे मदद नहीं की होती तो भाजपा 30 सीटें भी नहीं जीत सकती थी। बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस चुनाव के दौरान पोल पैनल की निगरानी में कुछ स्थानों पर धांधली हुई। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग में सुधार की जरूरतों पर जोर दिया। बनर्जी ने कहा कि केंद्रीय बलों के कर्मी आरटी-पीसीआर टेस्ट के बिना चुनाव के दौरान राज्य में थे, जिसके परिणामस्वरूप संक्रमण फैल गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र ने पिछले छह महीनों में कोई काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में एक डबल इंजन सरकार बनाने करने के लिए, उन्होंने देश को विनाश की कगार पर धकेल दिया है।
इस दौरान उन्होंने एक बार फिर टीकाकरण की मांग को दोहराते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए ना कि सरकार नए संसद भवन, पीएम आवास और प्रतिमाओं पर 50,000 करोड़ रुपये खर्च करने की। वहीं इस दौरान विपक्षी भाजपा विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।












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