जुडिशरी पर 'आपत्तिजनक' टिप्पणी करने के मामले में अभिषेक बनर्जी को HC से राहत, राज्यपाल ने दिए कार्रवाई के आदेश
कोलकाता, मई 30। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दरअसल, हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ लगाई गई उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें न्यायपालिका को लेकर दिए गए उनके बयान के खिलाफ स्वत: संज्ञान की मांग की गई थी।

अभिषेक बनर्जी पर मामला दर्ज करने की हुई थी मांग
आपको बता दें कि अभिषेक बनर्जी ने न्यायपालिक को लेकर 'आपत्तिजनक' टिप्पणी की थी। उनकी इस टिप्पणी के खिलाफ अधिवक्ता कौस्तुभ बागची ने याचिका लगाई थी। याचिका में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग हुई थी। हाईकोर्ट की विशेष बेंच ने इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई की और उसे खारिज कर दिया। हालांकि हाईकोर्ट की बेंच में जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी ने इतना जरूर कहा कि सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को ऐसी टिप्पणी करने से बचना चाहिए जो न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकती है।
राज्यपाल ने मुख्य सचिव को दिया कार्रवाई का आदेश
जुडिशरी पर अभिषेक बनर्जी के बयान को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। हाईकोर्ट ने भले ही अभिषेक बनर्जी के खिलाफ वाली याचिका को खारिज कर दिया हो, लेकिन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने उनके बयान की आलोचना की है और कार्रवाई के आदेश भी जारी किए हैं। जगदीप धनखड़ ने राज्य के मुख्य सचिव को अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। साथ ही राज्यपाल ने 6 जून तक पूरे मामले पर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
'अभिषेक बनर्जी का बयान अनदेखा नहीं किया जा सकता'
सोमवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने एक बयान जारी कर कहा कि टीएमसी के सांसद ने न्यायपालिका को लेकर जो टिप्पणी की है, उसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। राज्यपाल ने कहा है, "सांसद बनर्जी की टिप्पणी न्यायपालिका को बदनाम करती है, न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप करती है और कानून की अवमानना करती है। इस तरह के हमले का मकसद न्यायपालिका को डराना है।"












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