Vidisha News: गंजबासौदा में जिंदा व्यक्ति को नामांतरण में किया मृत घोषित, कमिश्नर के आदेश की उड़ी धज्जियां
Vidisha News: गंजबासौदा तहसील के ग्राम बीला निवासी रूपराम कुशवाहा और उनके दो भाई पदम सिंह और चंदन सिंह के नाम सम्मिलित खाते में 42 बीघा पैतृक भूमि है। जिस पर तीनों भाइयों का बराबर हक था, लेकिन दो भाइयों ने पटवारी से सांठ-गांठ कर भूमि को अपने नाम कर लिया और पटवारी ने रूप राम कुशवाहा को मृत घोषित कर दिया। साथ ही पूरी जमीन दोनों भाइयों के नाम चढ़ा दी।
जब रूप राम को इस बात की जानकारी लगी तो वह राजस्व विभाग के अधिकारियों सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन देकर भूमि दिलाने की मांग करते रहे। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया और इसी बीच उन्होंने भूमि का गलत हुआ बंटवारे को लेकर कमिश्नरी में केस दर्ज किया।

7 सालों से विभाग के लगा रहे चक्कर
कमिश्नर द्वारा उन्हें बराबर भूमि उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए गए, लेकिन ना तो अब तक राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा इस और कोई कार्रवाई की गई और ना ही पटवारी द्वारा उनकी भूमि उन्हें उपलब्ध कराई गई। रूपराम का कहना था कि वह पिछले 7 सालों से विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही है। ऐसे में वह कहां जाएं और क्या करें, कुछ समझ नहीं आ रहा।
रूपराम का कहना था कि साल 2017 में पटवारी द्वारा भूमि का नामांतरण कर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था जबकि वे आज भी जीवित है लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है ऐसे में वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। उनका कहना था कि अगर उन्हें यह भूमि मिल जाए तो उनका जीवन उसका सुधर जाएगा और बच्चों की पढ़ाई लिखाई सहित अन्य सुविधाओं का लाभ परिवार के लोगों को मिलने लगेगा। इस संबंध में उन्होंने पिछले हफ्ते कलेक्टर को भी आवेदन देकर भूमि उपलब्ध कराने की मांग की थी।
कलेक्टर के निर्देश का भी पालन नहीं
जिस पर कलेक्टर द्वारा संबंधित तहसीलदार को उक्त समस्या का निराकरण करने का निर्देश दिया गया था लेकिन अब तक कलेक्टर के निर्देशों का भी पालन राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा नहीं किया गया है। फरियादी रूपराम का कहना है कि पिछले 7 सालों से एक विभाग से दूसरे विभाग के चक्कर लगा कर वे थक चुके हैं। लेकिन उनकी समस्या सुनने वाला कोई अधिकारी अब तक उन्हें मिला नहीं है।
मुख्यमंत्री आखिरी उम्मीद
रूपराम का कहना है कि अब सीएम हाउस पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से गुहार लगाएंगे शायद उनकी सनी मुख्यमंत्री आवास पर हो जाए, यही उम्मीद उनकी आखिरी उम्मीद बनी हुई है।












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