ज्ञानवापी में हुए ASI सर्वे में क्या-क्या मिला?, अदालत में पेश की गई रिपोर्ट, अब 21 को होगी सुनवाई
वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी परिसर में ASI सर्वे किए जाने के बाद एएसआई द्वारा सर्वे रिपोर्ट जिला अदालत में पेश की गई। कोर्ट के आदेश पर सील लिफाफे में रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी गई है। इस मामले में मुस्लिम पक्ष द्वारा भी अदालत में एक अर्जी दाखिल करते हुए बिना हलफनामा की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करने की इजाजत न देने की मांग की गई है।
यह भी बता दें कि सर्वे का काम 24 जुलाई से प्रारंभ हुआ था। इस दौरान बरसात समेत अन्य समस्याओं के चलते एएसआई के अधिकारियों द्वारा न्यायालय से समय मांगा गया और फिर सुपरिटेंडिंग आर्कियोलॉजिस्ट के अस्वस्थ हो जाने की वजह से भी रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने में देरी हुई।

इस मामले में 11 दिसंबर को भी सुनवाई हुई थी, जिसमें एएसआई की ओर से बताया गया था कि अधीक्षण पुरातत्वविद् अविनाश मोहंती का ब्लड प्रेशर बढ़ गया है, जिसके कारण वह कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल नहीं कर पा रहे हैं। एएसआई की ओर से कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने के लिए कुछ दिनों का समय मांगा गया।
उसके बाद अदालत द्वारा एक हफ्ते की माेहलत देते हुए 18 दिसंबर को रिपोर्ट पेश करने की तिथि नियत की थी। ऐसे में एएसआई की पांच सदस्य टीम सोमवार को रिपोर्ट सबमिट करने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच जिला जज कोर्ट पहुंची। यहां पर वादी और प्रतिवादी तथा दोनों पक्ष के वकीलों की मौजूदगी में एएसआई की टीम ने सर्वे रिपोर्ट पेश की।
एएसआई द्वारा दो लिफाफों को सफेद और पीले कपड़े में लपेट कर अदालत में पेश की है। लोगों में चर्चा है कि एएसआई टीम द्वारा जो रिपोर्ट सौंप गई है उसमें एक लिफाफे में कागज पर तैयार की गई रिपोर्ट है तथा पीले रंग के दूसरे लिफाफे में पेन ड्राइव रखी गई है।
यह भी बता दें कि ज्ञानवापी के सर्वे के दौरान एएसआई टीम को टूटी मूर्तियां, मिट्टी के बर्तन, चिह्न समेत करीब 250 अवशेष मिले थे। इन्हें डीएम की निगरानी में लॉकर में जमा कराया गया। इन सभी अवशेषों को भी कोर्ट में रखा गया है। अब इस मामले में 21 दिसंबर की तिथि नियत की गई है। एएसआई द्वारा सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट दिए जाने के चलते रिपोर्ट में क्या दिया गया है इसके बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।












Click it and Unblock the Notifications