वाराणसी में ग्रामीणों ने जंगली जानवर को पीट-पीटकर मार डाला, रात में पकड़ा, फोटो खींचे और फिर ले ली जान
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वन्यजीवों द्वारा इंसानों पर हमले किए जाने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग काफी भयभीत हैं। ग्रामीणों द्वारा बस्ती में वन्य जीव पहुंचने के बाद उसे मार दे रहे हैं। ऐसा ही मामला वाराणसी से सामने आया है।
वाराणसी के पिंडरा तहसील क्षेत्र के समोगरा गांव में सोमवार को भोर में ग्रामीणों ने एक बिल्ली जैसे दिखने वाले जानवर को पकड़ा। बताया जा रहा है कि जानवर मवेशियों के पास पहुंचकर इधर-उधर घूम रहा था। उसके बाद ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया।

पकड़ने के बाद सुबह में गांव के लोगों को जब जानकारी मिली तो गांव से काफी संख्या में लोग वहां पहुंच गए। उसके बाद लोगों ने मोबाइल में उसे कैद किया। क्योंकि जानवर हमला नहीं कर रहा था ऐसे में छोटे बच्चे उसे गोद में लेकर खेलने लगे।
बाद में एक बच्चे के हाथ में उसके पंजे से चोट लग गई। उसके बाद कुछ बच्चों ने उसे तालाब के पास ले जाकर छोड़ तो गांव के ही कुछ लोगों ने से पीट-पीट कर मार डाला। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि वन्य जीव मिलने की जानकारी उन्होंने किसी भी अधिकारी को नहीं दी थी।
रात में रस्सी से बांध दिए थे सुरेंद्र राजभर
इस बारे में वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए समोगरा गांव निवासी सुरेंद्र राजभर ने बताया कि रात करीब 4 उनकी भैंस के पास वह जानवर दिखाई दिया था। उसके बाद वे टॉर्च जलाकर उसके पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह भाग नहीं रहा था।
ऐसे में उन्होंने उसे पकड़ लिया और रस्सी से बांध दिया। रात में उसे बांधे रहे और सुबह होने पर काफी संख्या में लोग उसे देखने के लिए आ गए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग उसे बिलार तो कुछ लोग भेड़िया तथा कुछ लोग अन्य नाम बता रहे थे।
उन्होंने बताया कि सुबह में उसे कुछ बच्चे तालाब के पास छोड़ने के लिए लेकर गए थे। इसी दौरान बच्चों के ऊपर उसने हमला कर दिया। बच्चों के ऊपर हमला करने के बाद संभवत गांव के कुछ लोगों द्वारा उसे मार दिया गया। हालांकि किसने मारा उसके बारे में उन्होंने अभिज्ञता जाहिर की। फिलहाल वन्य जीव की चर्चा पूरे गांव में चल रही है।
'छोटा भारतीय कस्तूरी बिलाव' होने की संभावना
इस बारे में वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस मामले को लेकर पूरी तरह अभिज्ञता जाहिर की। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि किसी भी ग्रामीण द्वारा गांव में वन्य जीव पहुंचने या फिर उसे पकड़ने की सूचना नहीं दी गई थी।
हालांकि हरहुआ निवासी पशु प्रेमी अनुराग मिश्रा इस बारे में जानकारी ली गई तो अनुराग ने बताया कि यह जानवर छोटा भारतीय कस्तूरी बिलाव की तरह है। क्योंकि ग्रामीणों द्वारा उसे मार दिया गया है ऐसे में पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
अनुराग ने यह भी बताया कि यह जानवर इंसानों पर हमला नहीं करते हैं। इनका मुख्य आहार जंगली जीव और पतंगे हैं। यह खास तौर पर चूहों, पक्षियों, सांपों, फलों और कुछ पौधों की जड़ों काे खाते हैं। ग्रामीणों द्वारा उसे मारना नहीं चाहिए था।












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