वाराणसी होगी एससीओ की सांस्कृति और पर्यटन राजधानी, बीजिंग में हुई घोषणा
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को मिला एक और खिताब, वाराणसी होगी एससीओ की सांस्कृति और पर्यटन राजधानी
वाराणसी, 15 जुलाई : वाराणसी को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की सांस्कृतिक और पर्यटन राजधानी बनाए जाने की घोषणा हुई है। बीजिंग में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में महासचिव झांग मिंग द्वारा गुरूवार को इसकी घोषणा की गयी। यह भी बता दें कि शंघाई सहयोग संगठन की रोटेशन पॉलिसी के तहत सदस्य देशों के एक शहर को एक वर्ष के लिये सांस्कृतिक और पर्यटन राजधानी बनाया जाता है। इस वर्ष भारत देश के वाराणसी शहर को इसके लिये चुना गया है। सितंबर 2022 से सितंबर 2023 तक वाराणसी शहर एससीओ की सांस्कृतिक और पर्यटन की राजधानी रहेगा।

एससीओ के सदस्य हैं आठ देश
एससीओ में दुनियां के आठ देश चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान पूर्णकालिक सदस्य हैं। ऐसे में एससीओ द्वारा सांस्कृतिक और पर्यटन की राजधानी बनाए जाने के बाद वाराणसी का अब आठ देशों में दबदबा होगा। वहीं इसके चलते वाराणसी में रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावनाएं जतायी जा रही हैं। सूचना में बताया गया कि इस साल सितंबर में होने वाले समरकंद शिखर सम्मेलन में भारत उज्बेकिस्तान से एससीओ अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करेगा। वहीं प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीओ फूड फेस्टिवल, एससीओ फिल्म फेस्टिवल सहित एससीओ के लिए संस्कृति के क्षेत्र में कई पहलों पर प्रस्ताव रखा है। एससीओ के महासचिव झांग मिंग द्वारा बताया गया कि इस बार समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन के लिये जिस स्थान को तैयार किया जा रहा है उसे बाद में एससीओ पार्क के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
वीजा मुक्त नीतियों को लेकर कजाकिस्तान की हुई सराहना
एससीओ की बैठक में महासचिव झांग मिंग ने भारत और अन्य देशों के पर्यटकों के लिए वीजा मुक्त नीतियों को लागू करने के लिए कजाकिस्तान की भी सराहना की। इसके अलावा उन्होंने एससीओ के कुछ सदस्यों के लिए वीजा सुविधा नीतियों के लिए उज्बेकिस्तान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि वीजा व्यवस्था एससीओ के पोर्टफोलियो में नहीं है। यह सदस्य राज्यों के बीच एक द्विपक्षीय व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि सदस्य राज्य इस तरह की द्विपक्षीय व्यवस्था कर सकते हैं। एससीओ सदस्य देशों के पास पर्यटन के मामले में समृद्ध संसाधन हैं।
एससीओ के एलबम में भारत के 32 विरासत स्थल शामिल
एससीओ की स्थापना के बाद 20 वर्ष पूरे हो जाने पर एससीओ के सचिवालय द्वारा एक एलबम का संकलन किया गया है। इस एलबम में एससीओ से जुड़े देशों के लगभग 240 विश्व सांस्कृतिक विरासत स्थलों को शामिल किया गया है। इसमें भारत देश के 32 विरासत स्थलों को भी शामिल किया गया है।












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